क्या आप छोटी-छोटी बातों में घबरा जाती हैं? तनाव लेती हैं? क्या आपके परिजनों और दोस्तों को अक्सर आपको शांत हो जाने के लिए कहना पड़ता है? यदि इन सवालों का जवाब ‘हां’ में है तो चेत जाइए, क्योंकि ये तनाव न सिर्फ़ आपके स्वास्थ्य के लिए बल्कि आपके बालों के लिए भी हानिकारक है. यदि आप लगातार शैम्पू, कंडिशनर और हेयर सीरम्स इसलिए बदल रही हैं कि ये आपके बालों पर वैसा काम नहीं कर रहे, जैसा कि इनके बारे में दावा किया जाता है तो यहां आपके ‘तनाव’ की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता. तनाव नीचे दिए गए 5 तरीक़ों से आपके बालों पर प्रभाव डालता है और आपको पता भी नहीं चलता.

बालों का झड़ना
 

बालों का झड़ना

हर बार जब आप तनाव लेती हैं आपका शरीर आपके दूसरे महत्वपूर्ण अंगों के साथ पक्षपात करने लगता है और आपके बालों की सेहत पर ध्यान देना बंद कर देता है. यही वजह है कि आपके बाल तनाव को संभाल नहीं पाते. आवश्यक पोषक तत्वों की कमी के कारण आपके बाल क्षतिग्रस्त होने लगते हैं और झड़ने लगते हैं.

रूसी यानी डैंड्रफ़
 

रूसी यानी डैंड्रफ़

यूं तो बालों में डैंड्रफ़ का होना सीधे तौर पर तनाव से जुड़ा हुआ नहीं है, लेकिन तनाव की जह से डैंड्रफ़ बढ़ जाता है, मृत त्वचा ज़्यादा झड़ती है और खुजली भी ज़्यादा चलती है- ख़ासतौर पर तब, जबकि आप पहले ही डैंड्रफ़ के लिए संवेदनशील हैं. यह इसलिए होता है कि तनाव की वजह से आपकी प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है. इससे आपकी स्कैल्प पर प्राकृतिक रूप से मौजूद माइक्रोब्स कमज़ोर हो जाते हैं और डैड्रफ़ होती है व बालों के झड़ना तेज़ हो जाता है.

बालों का समय से पहले सफ़ेद होना
 

बालों का समय से पहले सफ़ेद होना

जब बालों के असमय सफ़ेद होने की बात हो तो यह आपकी उम्र और अनुवांशिकता यानी जेनेटिक्स पर निर्भर करता है, लेकिन इस पर असर डालने वालो कारकों की लाइन में तनाव भी ज़्यादा पीछे नहीं है. तनाव आपके बालों के सफ़ेद होने की दर को बहुत ज़्यादा बढ़ा सकता है.

स्कैल्प और बालों का ऑइली होना
 

स्कैल्प और बालों का ऑइली होना

यदि आप ऐसा महसूस करती हैं कि जब भी आप बहुत ज़्यादा तनाव लेती हैं, आपके बाल पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा तैलीय हो जाते हैं तो जान लें कि तनाव के बढ़ने के कारण स्रवित होने वाला हार्मोन कॉर्टिसॉल इसके लिए ज़िम्मेदार है. कॉर्टिसॉल के स्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी आपके स्कैल्प पर मौजूद सेबैशियस ग्रंथियों को बहुत ज़्यादा सक्रिय कर देती है. इसकी वजह से जो अतिरिक्त सीबम निकलता है, वो आपकी स्कैल्प को चिपचिपा बना देता है.

बालों का बहुत धीरे-धीरे बढ़ना
 

बालों का बहुत धीरे-धीरे बढ़ना

तनाव की वजह से बालों की स्वाभाविक रूप से बढ़ने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है. यह इसलिए होता है कि जब आप तनावग्रस्त होती हैं तो आप कंफ़र्ट फ़ूड ‌खाने लगती हैं, जिनमें पोषक तत्वों की मात्रा न के बराबर होती है. ऐसे में आपके शरीर में उन आवश्यक विटामिन्स की कमी हो जाती है, जो बालों के बढ़ने के लिए ज़िम्मेदार हैं और आपके बालों के बढ़ने की गति कम हो जाती है.