यदि आप सौंदर्य को बनाए रखने की शौक़ीन हैं तो आप अपनी त्वचा को सेहतमंद और चमकदार बनाए रखने के लिए बताए गए हर नुस्ख़े पर भरोसा कर लेती होंगी. और आज के समय में सौंदर्य को लेकर हर जगह इतनी ज़्यादा सूचनाएं उपलब्ध हैं कि उनमें से उपयोगी और अनुपयोगी सूचनाओं को अलग करना भी एक बड़ा काम है.

त्वचा को सुंदर रखने के बारे में सबसे बड़ी सच्चाई यह है कि आपको इसकी नियमित रूप से देखभाल करनी होगी और त्वचा की देखभाल करने का तरीक़ा बेहद आसान है. पर इस संबंध में कुछ ऐसे मिथक हैं, जिन पर भरोसा कर के यदि आप त्वचा की देखभाल करती हैं तो यह आपकी त्वचा के लिए नुक़ासानदेह साबित हो सकता है. यहां हम आपको कुछ सामान्य मिथकों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आपका भी पाला पड़ा होगा, पर बहुत ज़रूरी है कि आप इन मिथकों को अभी के अभी अलविदा कह दें.

मिथक 1: आपको अपना चेहरा दिन में कई बार धोते रहना चाहिए
 

मिथक 1: आपको अपना चेहरा दिन में कई बार धोते रहना चाहिए

सच्चाई: यदि आप अपने चेहरे को दिन में कई-कई बार धोती हैं तो ऐसा करना तुरंत बंद कर दें! चेहरे को बार-बार धोने से आपका चेहरा रूखा हो जाता है, उसमें खुजली की समस्या हो सकती है और नमी की कमी भी महसूस होती है यानी वह डीहाइड्रेटेड हो जाता है. साबुन और पानी आपकी त्वचा से उसका स्वाभाविक ऑइल चुरा लेते हैं.

अपने चेहरे को दिन में केवल एक या दो बार ही धोएं, वह भी कमरे के तापमान के पानी यानी सामान्य पानी और सौम्य क्लेंज़र से. गर्म पानी आपकी त्वचा को और रूखा बना देगा.

मिथक 2: सनस्क्रीन केवल गर्मियों में लगाने के लिए होता है
 

मिथक 2: सनस्क्रीन केवल गर्मियों में लगाने के लिए होता है

सच्चाई: सनस्क्रीन हमेशा लगाया जाना चाहिए. इसे लगाने से कभी न बचें! वर्ष का कोई भी समय हो और कोई भी मौसम सनस्क्रीन लगाना बहुत ज़रूरी है. इसका कारण यह है कि सनस्क्रीन आपकी त्वचा को न सिर्फ़ सूर्य की किरणों से बल्कि उसकी हानिकारक यूवी किरणों से भी सुरक्षा प्रदान करता है. और ये यूवी किरणें सूरज की किरणों में वर्षभर मौजूद रहती हैं, फिर चाहे कोई भी मौसम क्यों न चल रहा हो.

मिथक 3: जितनी सख़्ती से एक्स्फ़ॉलिएट कर सकें, त्वचा के लिए उतना अच्छा होता है
 

मिथक 3: जितनी सख़्ती से एक्स्फ़ॉलिएट कर सकें, त्वचा के लिए उतना अच्छा होता है

सच्चाई: त्वचा को सख़्ती से एक्स्फ़ॉलिएट करने से फ़ायदा कम और नुक़सान ज़्यादा होगा. एक्स्फ़ॉलिएटिंग एजेंट्स की दानेदार प्रकृति के होते हैं, जब इसे चेहरे पर सख़्ती से रगड़ा जाता है तो आपकी त्वचा छिल या कट सकती है. अत: बहुत ज़रूरी है कि एक्स्फ़ॉलिएटिंग एजेंट को अपने चेहरे पर लगाने के बाद बहुत ही सौम्यता से मालिश करें, ताकि मृत कोशिकाएं यानी डेड सेल्स निकल जाएं और रोमछिद्र यानी पोर्स साफ़ हो जाएं.

मिथक 4: यदि आपकी त्वचा तैलीय यानी ऑइली है तो मॉइस्चराइज़र के इस्तेमाल की ज़रूरत ही नहीं है
 

मिथक 4: यदि आपकी त्वचा तैलीय यानी ऑइली है तो मॉइस्चराइज़र के इस्तेमाल की ज़रूरत ही नहीं है

सच्चाई: त्वचा ड्राइ हो या ऑइली, यदि आप त्वचा को सेहतमंद बनाए रखना चाहती हैं तो इसे मॉइस्चराइज़ करना बहुत ज़रूरी है. आपकी त्वचा की अंदरूनी परतों को अतिरिक्त मॉइस्चर और उन न्यूट्रिएंट्स की ख़ासी ज़रूरत होती है, जो एक अच्छी गुणवत्ता वाला मॉइस्चराइज़र इसे देता है. यदि आपकी त्वचा ऑइली है और आप मॉइस्चराइज़र लगाने से हिचकती हैं तो जेल-बेस्ड मॉइस्चराइज़र से शुरुआत करें, ये त्वचा पर हल्के महसूस होते हैं.

मिथक 5: हमें अपना चेहरा हमेशा गर्म पानी से ही धोना चाहिए
 

मिथक 5: हमें अपना चेहरा हमेशा गर्म पानी से ही धोना चाहिए

सच्चाई: गर्म पानी आपकी त्वचा की सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है. यह आपके चेहरे पर मौजूद नैसर्गिक ऑइल को चुरा लेता है, जिससे त्वचा ड्राइ और डीहाइड्रेटेड हो जाती है. यदि आप त्वचा पर बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल करती हैं तो इससे त्वचा का बाहरी अवरोध भी क्षतिग्रस्त हो जाता है. अत: हमेशा चेहरे को हमेशा सामान्य तापमान के पानी से ही धोएं. यदि आप त्वचा की गहराई से सफ़ाई करने के लिए रोमछिद्रों को खोलना चाहती हैं तो इसके लिए भाप लेना बेहतर विकल्प है ना कि गर्म पानी से चेहरे को धोना.