इन दिनों हम सभी बहुत अच्छी तरह समझ गए हैं कि हाथों को साफ़ रखना, मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का वायरस से बचाव रखने में कितना महत्व है. दुनियाभर में लोगों ने हैंड सैनिटाइज़र ख़रीदे हैं, उन्हें स्टोर किया है और उनका इस्तेमाल कर रहे हैं. वायरस के इस संक्रमण के दौरान भले ही आप अपने घरों में सुरक्षित हों, बावजूद इसके हाथों को नियमित अंतराल पर धोते रहिए और समय समय पर सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करते रहिए.

क्या आपको पता है कि इस वायरस से लड़ने के लिए आपके सैनिटाइज़र का असरदार होना बहुत ज़रूरी है? अब ये कैसे पता करें कि जो सैनिटाइज़र आप इस्तेमाल कर रही हैं, वो असरदार है या नहीं? हम यही तो बता रहे हैं:

 

सैनिटाइज़र घर पर बना हुआ नहीं होना चाहिए

सैनिटाइज़र घर पर बना हुआ नहीं होना चाहिए

बाज़ार में सैनिटाइज़र्स की कमी की वजह से लोगों ने इसे घर पर बनाने के तरीके खोज लिए हैं. इंटरनेट पर कई ऐसे वीडियोज़ उपलब्ध हैं, जो घर पर सैनिटाइज़र बनाने का तरीका सिखा रहे हैं. हमारी सलाह: इनके जाल में न उलझिए. आप केवल अपने समय और पैसे की बर्बादी करेंगे, क्योंकि ये सैनिटाइज़र्स प्रभावशाली तरीके से आपके हाथों को साफ़ करने में सक्षम नहीं होंगे.

 

इसमें कम से कम 60% ऐल्कहॉल होना चाहिए

इसमें कम से कम 60% ऐल्कहॉल होना चाहिए

ऐल्कहॉल हैंड सैनिटाइज़र का एक बहुत महत्वपूर्ण इन्ग्रीडिएंट है इसलिए जो सैनिटाइज़र आप ख़रीदें, चेक करें कि उसके लेबल पर इथाइल ऐल्कहॉल, इथेनॉल या आइसोप्रोपाइल ऐल्कहॉल ज़रूर लिखा हो. सैनिटाइज़र में ऐल्कहॉल का प्रतिशत 60 से 95 के बीच होना चाहिए. तभी यह जर्म्स और वायरस को मारने में प्रभावी होगा. वहीं 60% से कम ऐल्कहॉल वाले सैनिटाइज़र्स संक्रमण रोकने में किसी काम के साबित नहीं होंगे.

 

इसके इस्तेमाल के बाद आपके हाथ चिपचिपे महसूस नहीं होने चाहिए

इसके इस्तेमाल के बाद आपके हाथ चिपचिपे महसूस नहीं होने चाहिए

यदि सैनिटाइज़र से हाथ साफ़ करने के बाद भी आपके हाथ चिपचिपे या गंदे दिखाई देते हैं तो आपको यह बताते हुए हमें ख़राब तो लग रहा है, पर आपको अपना सैनिटाइज़र तुरंत बदल देना चाहिए. साथ ही हम आपसे कहना चाहते हैं कि यदि भोजन करने से आपके हाथ तैलीय हो गए हैं या घर के काम करने से हाथ गंदे हो गए हैं तो आप 20 सेंकेड्स तक हाथों को साबुन और पानी से मल-मलकर धोएं. इसके बाद हाथों को गर्म पानी से धो लें.

 

आपके हाथों पर इसे पूरी तरह से सूखना नहीं चाहिए

आपके हाथों पर इसे पूरी तरह से सूखना नहीं चाहिए

जहां सैनिटाइज़र में मौजूद ऐल्कहॉल बैक्टीरियाज़ और जर्म्स का सफ़ाया करने का काम करता है, वहीं ऐल्कहॉल की इतनी ज़्यादा मात्रा आपके हाथों को रूखा बना सकती है. अत: ऐसा सैनिटाइज़र चुनें, जिसमें विटामिन E भी हो, जो आपके हाथों को रूखेपन से से बचा सके.