तो कल आपने जब टीवी पर एक विज्ञापन देखा तो आपकी आंखों में आंसू आ गए? और फिर आपने महसूस किया कि ये तो प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम यानी पीएमएस का असर था? हम सभी के साथ ऐसा होता है और हम सब ऐसा ही करते हैं. हार्मोन्स का उतार-चढ़ाव, जिसका हम इस दौरान अनुभव करते हैं, न सिर्फ़ हम पर भावनात्मक रूप से असर डालता है, बल्कि यह हमारी त्वचा पर भी अपना प्रभाव डालता है. यहां हम पीएमएस के त्वचा पर होने वाले प्रभाव के बारे में बता रहे हैं.

सीबम का उत्पादन बढ़ जाता है

रोमछिद्र बड़े दिखाई देने लगते हैं

त्वचा रूखी हो जाती है

सूरज की किरणें और कठोर लगती हैं

सीबम का उत्पादन बढ़ जाता है
 

सीबम का उत्पादन बढ़ जाता है

जब शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है और ऐन्ड्रोजन का स्तर बढ़ता है, तब तेल यानी ऑइल या सीबम का उत्पादन उफ़ान पर होता है. इससे त्वचा के रोमछिद्र यानी पोर्स ब्लॉक हो जाते हैं और नतीजतन मुहांसे होते हैं. इस समय अपने हाथों को अपने चेहरे से भरपूर दूर रखने की कोशिश करें, क्योंकि मुहांसों को छूना, छेड़ना या दबाना आपकी त्वचा को क्षति भी पहुंचा सकता. इससे आपके चेहरे पर गहरे और स्थाई निशान भी पड़ सकते हैं. इसकी बजाय ऑइल फ़ाइटिंग फ़ेशियल स्क्रब का इस्तेमाल करें, जैसे-पॉन्ड्स पिंपल क्लीयर फ़ेस वॉश/ Ponds Pimple Clear Face Wash. यह चेहरे पर मौजूद अतिरिक्त ऑइल को हटा देगा और मुहांसे पैदा करने वाले कीटाणुओं का ख़ात्मा करेगा.

रोमछिद्र बड़े दिखाई देने लगते हैं
 

रोमछिद्र बड़े दिखाई देने लगते हैं

रोमछिद्र यानी पोर्स जब ब्लॉक हो जाते हैं तो वे और बड़े दिखाई देने लगते हैं. इसके लिए प्रोजेस्टरॉन हार्मोन की बढ़ोतरी ज़िम्मेदार है. अपने पोर्स को छोटा करने का एक झटपट तरीक़ा यह है कि आप चेहरे पर बर्फ़ मलें और इसके बाद मेकअप करें. इससे मेकअप आपके रोमछिद्रों के भीतर तक नहीं जा पाता और इससे त्वचा से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है.

त्वचा रूखी हो जाती है
 

त्वचा रूखी हो जाती है

एस्ट्रोजन के स्तर में कमी आने की वजह से त्वचा में पानी की कमी होने लगती है यानी वह डीहाइड्रेटेड होने लगती है. इससे बचने के लिए आप भीतर से हाइड्रेटेड बनी रहें. इसके लिए एक दिन में कम से कम आठ ग्लास पानी पिएं और गहराई से हाइड्रेट करने वाले मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें, जैसे-लैक्मे 9टू5 नैचुरल डे क्रीम एसपीएफ़ 20/ Lakme 9 to 5 Naturale Day Creme SPF 20. यह सूरज की किरणों से त्वचा की सुरक्षा करने के साथ-साथ त्वचा को ऐलो वेरा की ख़ूबियों के साथ पोषण भी देता है.

सूरज की किरणें और कठोर लगती हैं
 

सूरज की किरणें और कठोर लगती हैं

आपके पीरियड्स आने से से पहले आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील हो जाती है. चेहरे पर सूरज की किरणें और भी कठोर लगती हैं और त्वचा को बहुत आसानी से नुक़सान पहुंच सकता है. ऐसे में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना कभी न भूलें. घर से बाहर निकलने के पहले चेहरे पर लैक्मे सन एक्स्पपर्ट अल्ट्रा मैट एसपीएफ़ 50पीए+++ लोशन/Lakme Sun Expert Ultra Matte SPF 50 PA+++ Lotionलगाएं, ताकि ेहरे पर लैक्मे सन एक्स्पपर्ट अल्ट्रा मैट एसपीएफ़ 50पीए+++ लोशन/ लगाएं, ताकि सूर्य की हानिकाराक किरणों के प्रभाव से आप आसानी से कआपकी त्वचा सूर्य की हानिकाराक किरणों के प्रभाव से बची रहे.