ये तो आप भी मानेंगी कि स्किनकेयर प्रोडक्ट्स बिल्कुल ऐसे होते हैं, जैसे आपकी त्वचा का भोजन हों. तो जिस तरह खाद्यपदार्थ ख़रीदते समय आप सावधानी से चुनाव करती हैं कि आपके शरीर के भीतर क्या जाए और क्या नहीं,उसी तरह क्या आप अपनी त्वचा और बालों के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स ख़रीदते समय भी ऐसा करती हैं? हमें पता है आपके ऐसा न करने का सबसे बड़ा कारण यह है कि आप ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर लिखे लेबल्स को समझ नहीं पातीं.

हम मानते हैं कि आपके मॉइस्चराइज़र पर लगा लेबल यूं होता है जैसे किसी सीक्रेट मिशन का कोई कोड हो. लेकिन ये तो कोई वजह नहीं हुई कि आप वो प्रोडक्ट ख़रीद लें, जो आपकी दोस्त अपने लिए ख़रीदती रहती है और उसे लगा कर इस बात का इंतज़ार करें कि यह आपकी त्वचा पर भी कोई जादू कर देगा. त्वचा की देखभाल करनी है तो इस तरह से ब्यूटी प्रोडक्ट्स ख़रीदना बिल्कुल नहीं चलेगा. यही वजह है कि हम आपके ब्यूटी प्रोडक्ट् पर लिखे कुछ कोड्स को डीकोड कर रहे हैं, ताकि आप इन्हें समझकर ऐसे प्रोडक्ट्स ख़रीदें, जो आपकी त्वचा के लिए फ़ायदेमंद हों.

 

कॉन्सन्ट्रेशन लेवल

कॉन्सन्ट्रेशन लेवल

यदि आपको लगता है कि प्रोडक्ट लेबल पर इन्ग्रीडिएंट्स किसी भी क्रम में या वर्णमाला के क्रम के अनुसार लिखे जाते हैं तो आप गलत हैं. लेबल पर लिखे इन्ग्रीडिएंट्स उनकी सांद्रता यानी कॉन्सन्ट्रेशन के स्तर के आधार पर लिखे जाते हैं. तो यदि कोई लेबल पढ़ते समय आपको कोई बहुत ही काम का और लाभ पहुंचाने वाला इन्ग्रीडिएंट दिखाई देता है और वो लिस्ट के सबसे आख़िरी पायदान पर लिखा हुआ है तो समझ जाइए कि आपको उस इन्ग्रीडिएंट का ज़्यादा फ़ायदा नहीं मिलने वाला है. यदि आपको सबसे पहला इन्ग्रीडिएंट वॉटर/ऐक्वा दिखाई देता है तो इसका अर्थ ये है कि आपका प्रोडक्ट वॉटर बेस्ड है.

 

शेल्फ़ लाइफ़

शेल्फ़ लाइफ़

ब्यूटी प्रोडक्ट्स ख़रीदते समय दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात होती है कि उस प्रोडक्ट की एक्स्पायरेशन डेट या शेल्फ़ लाइफ़ के बारे में कैसे जाना जाए. छोटे-छोटे ओपन-जार चिन्ह आपके प्रोडक्ट्स की शेल्फ़ लाइफ़ के बारे में बताते हैं. जब आप लेबल को ध्यान से देखेंगी तो पाएंगी कि वहां 6M, 12M, 24M आदि लिखा होगा. यहां M का अर्थ है महीने यानी मंथ. यह बात जानने का दूसरा तरीका ये है कि जैसे ही आपको प्रोडक्ट के रंग, ख़ुशबू या टेक्स्चर में बदलाव महसूस हो, आप समझ सकती हैं कि उस प्रोडक्ट की शेल्फ़ लाइफ़ ख़त्म हो चुकी है.

 

फ्रैग्रन्स ऐंड परफ़्यूम

फ्रैग्रन्स ऐंड परफ़्यूम

यदि आप स्किन केयर में शामिल बुरी चीज़ों के बारे में जागरूक हैं तो जानती ही होंगी कि स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में मौजूद फ्रैग्रन्स त्वचा के लिए अच्छे नहीं होते. नक़ली ख़ुशबू से त्वचा में खुजली, जलन या रैशेज़ की समस्या हो सकती है, ख़ासतौर पर उन लोगों को जिनकी त्वचा संवेदनशील है. हो सकता है कि कुछ प्रोडक्ट्स में फ्रैगरन्स-फ्री लिखा हो और बावजूद इसके आपको उसमें किसी तरह की ख़ुशबू महसू हो. यदि ऐसा है तो घबराएं नहीं, क्योंकि ये इन्ग्रीडिएंट्स की अपनी ख़ुशबू भी हो सकती है.

 

ऑर्गैनिक

ऑर्गैनिक

ऑर्गैनिक और वीगन जैसे शब्द अब केवल फ़ूड इंडस्ट्री का ही हिस्सा तो रहे नहीं हैं, वे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की दुनिया में भी आ चुके हैं. कॉस्मेटिक कंपनियां इन शब्दों का इस्तेमाल करके अपने प्रोडक्ट्स को बाज़ार में बेचने और ग्राहकों का ध्यान आकर्षित करने का काम कर रही हैं. जबकि कई प्रोडक्ट्स जिन पर ऑर्गैनिक होने का लेबल लगा होता है, उनमें केवल 1% ही ऑर्गैनिक इन्ग्रीडिएंट्स होते हैं. यही वजह है कि लेबल्स को पढ़ना और समझना ज़रूरी होता है, ताकि आप समझ पाएं कि आपके प्रोडक्ट्स में कौन सी चीज़ किस अनुपात में है.

 

बनी लेबल

बनी लेबल

कुछ ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर आपने प्यारा सा खरगोश (बनी) बना हुआ देखा होगा. ये चिन्ह एक विशेष कारण से बना होता है, जो ये दर्शाता है कि यह प्रोडक्ट किसी जानवर पर निर्दयता बरते बिना बनाया गया है यानी यह प्रोडक्ट क्रूअल्टी-फ्री है. साथ ही इसमें ऐसे कठोर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नहीं किया गया है, जो आमतौर पर कई प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किए जाते हैं.