अगर आप अपनी स्किन को लेकर कॉन्शियस हैं और स्किन केयर रूटीन को महत्वपूर्ण मानते हैं, तो बहुत हद तक संभव है कि आप ऐसे लोगों को ज़रूर देखते होंगे, जो इन दिनों डार्क ग्रीन कलर का पानी पीते नज़र आते हैं. एक्ने यानी मुंहासों से परेशान बहुत-से सोशल मीडिया कंटेंट क़्रिएटर्स अपने पानी में लिक्विड क्लोरोफिल मिला रहे हैं ताकि उन्हें मिल सके क्लीन और क्लीयर स्किन. पर क्या यह वाकई कारगर है? चलिए पता लगाते हैं…

 

लिक्विड क्लोरोफिल क्या है और यह मुंहासों को दूर करने में कैसे मदद करता है?

लिक्विड क्लोरोफिल क्या है और यह मुंहासों को दूर करने में कैसे मदद करता है?

 

पहले यह समझना ज़रूरी है कि लिक्विड क्लोरोफिल है क्या? यह पौधों से प्राप्त क्लोरोफिल का कॉन्सेंट्रेटेड रूप है, जो उसे ग्रीन कलर देता है और यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. यह हरी पत्तेदार सब्जियों, जैसे- पालक और पार्सले(अजमोद) में भी पाया जाता है. क्लोरोफिल विटामिन सी, ए, ई और के से भरपूर होता है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं. यही वजह है कि यह मुंहासे पैदा करनेवाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है. लेकिन जहां ये मुंहासों की सूजन और रेडनेस कम करने में मदद करता है, वहीं हो सकता है कि ये डीप सिस्टिक मुंहासों पर बहुत प्रभावी या ज़्यादा कारगर नहो.

वैसे हम जानते हैं कि अब आप क्या सोच रहे हो, यही कि क्यों न सिर्फ़ हरी पत्तेदार सब्जियों ही खाई जाएं? यह सही है किआपको अपने डायट में पालक, केल और पार्सले जैसी हरी सब्ज़ियों को शामिल ज़रूर शामिल करना चाहिए, लेकिन मुंहासों के लिए लिक्विड क्लोरोफिल की जो डेली डोज़ है वो 100-300 मिलीग्राम बताई गई है और एक कप पालक में लगभग 24 मिलीग्राम क्लोरोफिल होता है. इस हिसाब से बेहतरीन परिणाम के लिए आपको लगभग 10-12 कप पालक का सेवन करना होगा. क्या यह संभव है?

 

 

मुंहासों के लिए लिक्विड क्लोरोफिल को कैसे यूज़ करें?

मुंहासों के लिए लिक्विड क्लोरोफिल को कैसे यूज़ करें?

 

इसे अपने पानी में मिलाने के अलावा एक और तरीक़ा यह भी है कि आप लिक्विड क्लोरोफिल को प्रभावित हिस्से पर अप्लाई करें. इसमें एंटी इंफ्लेमेट्री गुण हैं और यह एक्ने की रेडनेस यानी लालिमा और सूजन को कम करता है. एक तरहसे यह ग्रीन कलर करेक्टर का काम करता है.

हालांकि इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों का पूरा लाभ लेने के लिए इसे पानी में मिलाकर पीने की ही सलाह दी जाती है. वैसे इस विषय पर बहुत ज़्यादा रिसर्च नहीं हुआ है, लेकिन जितनी भी जानकारी अब तक मिली है, उससे तो यही लग रहा हैकि हम इसे अपने डेली रूटीन में जल्द से जल्द शामिल कर लें… आपका क्या सोचना है?