देशभर में प्रदूषण का स्तर जिस तरह बढ़ रहा है यह हमारे और हमारी त्वचा के लिए ख़तरनाक है. हम ज़हरीले रसायनों, धुएं और धुंध के बीच रह रहे हैं. जिसकी वजह से हमारी त्वचा डीहाइड्रेटेड हो जाती है, फीकी नज़र आती है और उस पर समय से पहले ही झुर्रियां नज़र आने लगती  हैं. डॉक्टर (प्रोफ़ेसर )ओ पी सिंह, एमबीबीएस, डीवीडी, एमडी, दिल्ली, के अनुसार,‘‘पलूशन की वजह से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और यह मुहांसों यानी पिम्पल्स के होने का कारण है.’’ अत: ऐंटी-पलूशन स्किन केयर रूटीन इस समय की मांग है.

हम यहां आपको तीन ऐसे इन्ग्रीडिएंट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको अपनी त्वचा की देखभाल का हिस्सा बनाने में देर नहीं करनी चाहिए, ताकि आपकी त्वचा पलूशन के असर से बच सके.

ऐक्टिवेटेड चारकोल
 

ऐक्टिवेटेड चारकोल

दिनभर हमारे आसपास मौजूद हवा में शामिल ज़हरीले रासायनिक कण हमारी त्वचा की भीतरी पर्त तक अपनी पहुंच बना लेते हैं और त्वचा के रोमछिद्रों यानी पोर्स को बंद कर देते हैं. इसकी वजह से त्वचा से जुड़ी कई तरह की समस्याएं होती हैं, जैसे- मुहांसे, ब्लैकहेड्स और ऑइली स्किन.  यदि आप अपने स्किन केयर रूटीन में चारकोल बेस्ड प्रोडक्ट्स शामिल करेंगी तो आपकी त्वचा साफ़-सुथरी और चमकदार नज़र आएगी. ऐक्टिवेटेड चारकोल ऑइल,  हानकारक कणों (टॉक्सिन्स) और धूल-मिट्टी को हटाने के लिए किसी चुंबक यानी मैग्नेट की तरह काम करता है और इन्हें त्वचा की भीतरी पर्तों से भी निकाल बाहर करने में सक्षम होता है. इसके इस्तेमाल का सबसे आसान तरीक़ा यह है कि आप चारकोल क्लेंज़र का इस्तेमाल करें. यह त्वचा के भीतर तक जा कर त्वचा की कोशिकाओं से धूल-गंदगी निकाल देगा और आपकी त्वचा कोमल व चमकदार नज़र आएगी.

ऐलो वेरा
 

ऐलो वेरा

नागफनी यानी कैक्टस परिवार का सदस्य ऐलो वेरा पूरी दुनिया में अपने राहत पहुंचाने वाले गुणों के कारण जाना जाता है. विटामिन्स, मिनरल्स और ऐंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर इस पौधे के जेल में स्वस्थ और नई स्किन सेल्स के विकास की क्षमता होती है और इसका जेल त्वचा पर एक सुरक्षात्मक पर्त बनाने का काम भी करता है. इसके ऐंटीबैक्टीरियल गुण मुहांसे, त्वचा की लालिमा और इन्फ़ेक्शन्स को त्वचा से दूर रखते हैं यानी त्वचा को प्रदूषण के प्रभाव से बचाए रखते हैं. रोज़ाना अपने चेहरे पर क्लीअर ऐलो वेरा जेल लगा कर आप अपनी त्वचा का हाइड्रेट रख सकती हैं और पोषण दे सकती हैं. इसके लगातार इस्तेमाल से काले धब्बे यानी डार्क स्पॉट्स भी हल्के होते हैं.

विटामिन C, E और ऐंटीऑक्सिडेंट्स
 

विटामिन C, E और ऐंटीऑक्सिडेंट्स

विटामिन C, E और ऐंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर प्रोडक्ट्स त्वचा की ख़ुद को मरम्मत करने, ख़ुद ही नई कोशिकाओं का विकास करने और ख़ुद को साफ़-सुथरा रखने की क्षमता में बढ़ोतरी करते हैं. इनके इस्तेमाल से त्वचा की रंगत निखरती है, कोलेजन उत्तेजित होता है (जो त्वचा को दृढ़ बनाए रखता है). त्वचा को फ़ायदा पहुंचाने वाले ये इन्ग्रीडिएंट्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुक़सान से बचाते हैं, बारीक़ रेखाओं का आना कम करते हैं और त्वचा में कसाव भी लाते हैं.