तैलीय त्वचा की देखभाल किसी भी युवती के लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं है. चेहरे पर आने वाले तेल की पर्त, चमकते हुए तैलीर पैच बिल्कुल बिन बुलाए मेहमान की तरह होते हैं, जो जल्दी जाने का नाम ही नहीं लेते. यही वजह है कि तैलीय  त्वचा की अच्छी तरह देखभाल करना ज़रूरी होता है.

आपकी त्वचा तैलीय  है और आपको लगता है कि सर्दियों में इसे ख़ास देखभाल की ज़रूरत नहीं है तो आप ग़लत हैं. सर्दियों के मौसम में तैलीय त्वचा को रूखी त्वचा यानी ड्राइ स्किन की तुलना में भी कहीं ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत होती है, क्योंकि इस मौसम में तैलीय त्वचा की सही तरीक़े से देखरेख न की जाए तो मुहांसे होने की संभावना बनी रहती है. यही वजह है कि हम आपको सर्दियों में तैलीय त्वचा की देखभाल के लिए कुछ नियमों के बारे में बता रहे हैं. तो आगे ध्यान से पढ़िए...

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम#1 रोज़ाना करें क्लेंज़िंग, टोनिंग, मॉइस्चराइज़िंग
 

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम#1 रोज़ाना करें क्लेंज़िंग, टोनिंग, मॉइस्चराइज़िंग

ये तो आप स्किप कर ही नहीं सकतीं. मौसम चाहे जो हो, आपका स्किन टाइप चाहे जैसा हो, पर क्लेंज़िंग, टोनिंग और उसके बाद मॉइस्चराइज़िंग यानी सीटीएम का रूटीन आप कभी-भी मिस न करें.  सीटीएम से न सिर्फ़ आपके चेहरे पर ऑइल के स्राव का स्तर नियंत्रण में रहता है, बल्कि इससे आपकी त्वचा के रोमछिद्रों में गंदगी भी नहीं जमने पाती, जिससे आपकी त्वचा को सांस लेने का मौक़ा मिलता है. अत: नियम से रोज़ाना क्लेंज़िंग, टोनिंग और मॉइस्चराइज़िंग करती रहें, ताकि आपकी त्वचा खुलकर सांस ले सके.

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #2ऑइल-फ्री मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें
 

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #2ऑइल-फ्री मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें

तैलीय त्वचा को मॉइस्चराइज़ करना बहुत ज़रूरी है. यह एक मिथक है कि तैलीय त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने की ज़रूरत नहीं होती. हां, यह ध्यान रखें कि तैलीय त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने के लिए ऑइल-फ्री मॉइस्चराइज़र चुनें, ये जेल या वॉटर-बेस्ड हो सकता है. यह भी देखें कि आपके मॉइस्चराइज़र में विटामिन E ज़रूर हो, क्योंकि यह स्वस्थ त्वचा पाने के लिए एक आवश्यक इन्ग्रीडिएंट है. यह भी याद रखें कि जब-जब भी आप चेहरे को धोएं, उसे मॉइस्चराइज़ करना बिल्कुल न भूलें..

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #3 मैटिफ़ाइंग प्रोडक्ट्स चुनें
 

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #3 मैटिफ़ाइंग प्रोडक्ट्स चुनें

सर्दियों में मैट फ़िनिश प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें, क्योंकि वे त्वचा से होने वाले तेल के स्राव और सीबम को नियंत्रण में रखते हैं. इससे आपकी तैलीय त्वचा कम तैलीय नज़र आती है. आपको मैटिफ़ाइंग मॉइस्चराइज़र, टोनर और यहां तक कि मैटिफ़ाइंग सेटिंग स्प्रे का भी इस्तेमाल करना चाहिए इससे आपको बेहतर नतीजे मिलेंगे. हम आपको सलाह देंगे कि आप एक अच्छे मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें, ताकि आपकी त्वचा में नमी अच्छी तरह बनी रहे और मैट प्रोडक्ट्स आपकी त्वचा को रूखा यानी ड्राइ न बना दें.

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #4 मेकअप प्रोडक्ट्स भी ऑइल-फ्री ही ख़रीदें  
 

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #4 मेकअप प्रोडक्ट्स भी ऑइल-फ्री ही ख़रीदें  

तैलीय त्वचा के लिए जब आप मेकअप प्रोडक्ट्स ख़रीद रही हों तो ख़ासी सतर्क रहें,  यह बेहद ज़रूरी है. ऐसा क्रीम या लिक्विड फ़ाउंडेशन चुनें, जो वॉटर-बेस्ड और नॉन-ऑइली हो. आप पाउडर-बेस्ड मैट प्रोडक्ट्स भी चुन सकती हैं. ये आपकी त्वचा पर तेल की पर्त आने से रोकते हैं और लंबे समय तक टिके रहते हैं. तैलीय त्वचा के लिए सही मेकअप प्रोडक्ट्स का चुनाव आपके जीवन को आसान बना देगा. सचमुच!

 तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #5 एक्स्फ़ॉलिएशन बहुत ज़रूरी है
 

 तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #5 एक्स्फ़ॉलिएशन बहुत ज़रूरी है

अपनी तैलीय त्वचा को साफ़ रखने के लिए नियमित रूप से एक्स्फ़ॉलिएट करते रहना आपको स्वस्थ त्वचा और बेहतर रंगत पाने में मदद करेगा. अच्छे नतीजे पाने के लिए त्वचा को नियमित रूप से एक्स्फ़ॉलिएट करने की आदत डालें. आप सप्ताह में एक बार त्वचा को एक्स्फ़ॉलिएट कर सकती हैं. इसके लिए  सप्ताह में दो बार विटामिन E से भरपूर स्क्रब से एक्स्फ़ॉलिएट करें.

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #6 खानपान का रखें ध्यान
 

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #6 खानपान का रखें ध्यान

तैलीय त्वचा है तो आप तला हुआ और ग़ैर सेहतमंद खाना बहुत अधिक मात्रा में नहीं खा सकतीं, क्योंकि इससे मुहांसे हो सकते हैं. हमारी सलाह है कि जिन लोगों की त्वचा तैलीय है उन्हें ऑइली खाना बंद ही कर देना चाहिए. कभी-कभार तेल, घी वाला भोजन खाने में कोई बुराई नहीं पर जल्दी-जल्दी ऑइली खाना खाने से बचें.

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #7 आपका टॉवेल साफ़-सुथरा हो
 

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #7 आपका टॉवेल साफ़-सुथरा हो

तैलीय त्वचा वालों को चेहरा धोने के बाद हमेशा ही धुले हुए साफ़-सुथरे टॉवल से अपना चेहरा थपथपाते हुए पोंछना चाहिए. ऐसा करने से मुहांसों और ब्रेकआउट्स की समस्या को कम किया जा सकता है. चेहरा हमेशा थपथपाते हुए पोंछें, रगड़कर बिल्कुल नहीं.

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #8 अपनी त्वचा को बार-बार न छुएं
 

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #8 अपनी त्वचा को बार-बार न छुएं

अपनी तैलीय त्वचा को बार-बार छूने की आदत से बचें, क्योंकि हमारे हाथों पर कई बैक्टीरियाज़ मौजूद होते हैं. त्वचा को बार-बार छूने से आप अपनी त्वचा पर और अधिक बैक्टीरियाज़ पहुंचाने का काम कर रही हैं. इससे आपके चेहरे पर मुहांसे होने की संभावना बढ़ जाएगी. भले ही आपको बार-बार चेहरे पर हाथ लगाने का ख़्याल आए उसे दरकिनार करें. यदि आप हेल्दी और मुहांसों से रहित त्वचा पाना चाहती हैं तो चेहरे पर बार-बार हाथ लगाने की आदत को लगाम दें.

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #9 ख़ूब पानी पिएं, हाइड्रेटेड रहें     
 

तैलीय त्वचा की देखभाल का नियम #9 ख़ूब पानी पिएं, हाइड्रेटेड रहें     

त्वचा को तैलीय होने से रोकने के लिए आपका हाइड्रेटेड रहना बहुत ज़रूरी है. इसके लिए त्वचा कोई अतिरिक्त प्रयास भी नहीं करना होगा. बस, दिनभर में 8 से 10 ग्लास पानी पिएं. इतना कर लेने भर से आपकी त्वचा तरोताज़ा और नम नज़र आएगी. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आपके शरीर से, त्वचा के रोमछिद्रों से ज़हरीले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. यदि आपको पानी पीना ज़्यादा पसंद नहीं है तो आप अपने पानी में नींबू और शहद मिला कर उसे स्वादिष्ट बना सकती हैं, ताकि आप इसे पी सकें और त्वचा को तैलीय होने से रोक सकें.