दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं: एक वो जो मानते हैं कि-जहां चाय है, वहां उम्मीद है और दूसरे वो जिनका मानना है-एक कप कॉफ़ी के बाद ही ज़िंदगी शुरू होती है. तो आपकी सुबह की शुरुआत चाहे एक कप चाय से होती हो या फिर एक कप कॉफ़ी से, आपको यह जान कर अच्छा लगेगा कि दोनों ही पेय आपको स्फूर्ति देने के साथ-साथ आपकी त्वचा को भी फ़ायदा पहुंचाते हैं.

चाय और कॉफ़ी दोनों के ही सेहत संबंधी अपने-अपने फ़ायदे हैं और दोनों ही आपकी त्वचा के लिए भी लाभदायक हैं. इनमें से अपने पसंदीदा पेय के दिनभर में चाहे आप कितने भी कप गटकती हों या फिर उन्हें किसी तरह के ट्रीटमेंट के लिए इस्तेमाल करती हों यहां हम आपको इन दोनों ही लोकप्रिय पेय पदार्थों यानी ड्रिंक्स के फ़ायदे और नुक़सान से रूबरू करा रहे हैं.

 

ऐंटीऑक्सिडेंट्स

ऐंटीऑक्सिडेंट्स

चाय और कॉफ़ी दोनों में ही भरपूर मात्रा में ऐंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं. ऐंटीऑक्सिडेट्स त्वचा की कोशिकाओं को फ्री रैडिकल्स से होने वाले नुक़सान से बचाते हैं. जहां चाय में कैटिचिन्स होते हैं, वहीं कॉफ़ी में फ़ेनॉलिक ऐसिड्स होते हैं. कैटिचिन्स शक्तिशाली ऐंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो शरीर में रक्त के प्रवाह को सुधारते हैं, जलन-सूजन को कम करते हैं और फ्री रैडिकल्स का ख़ात्मा करते हैं. ये फ्री रैडिकल्स त्वचा को असमय ही बूढ़ा दिखाते हैं. यही वजह है कि जवां और ग्लोइंग त्वचा के लिए ग्रीन टी पीने की सलाह दी जाती है.

फ़ेनॉलिक ऐसिड्स ऐंटीऑक्सिडेंट्स का समूह हैं, जिसमें कैफ़ेइक ऐसिड, पी-कामैरिक,  फ़ेर्लिक, गैलिक और एलैजिक ऐसिड्स शामिल हैं. इनमें ऐंटी-एजिंग गुण होते हैं, ये त्वचा की रंगत एक समान बनाते हैं, पिग्मेंटेशन को हल्का करते हैं और त्वचा को उजला बनाते हैं.

 

क़ैफ़ीन की मात्रा

क़ैफ़ीन की मात्रा

क्या आपको पता है कि 95% वयस्क नियमित रूप से कैफ़ीन का सेवन करते हैं? हालांकि इसकी हल्की सी लत भी लग सकती है, लेकिन कैफ़ीन का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए.

जहां चाय के एक कप में 25 से 100 मिलीग्राम कैफ़ीन होता है, वहीं कॉफ़ी के एक कप में 50 से 200 मिलीग्राम कैफ़ीन होता है. चाय हो या कॉफ़ी इसे दिन में चार-पांच कप से ज़्यादा नहीं पीना चाहिए, इससे आपकी सेहत और त्वचा दोनों को ही नुक़सान पहुंच सकता है.

ज़रूरत से ज़्यादा कैफ़ीन के सेवन से सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे- हाइ ब्लड प्रेशर, मोटापा, इन्सोम्निया, पेट गड़बड़ रहना और ऐन्गज़ाइटी अटैक. इससे मुहांसों की समस्या भी बढ़ सकती है.

कैफ़ीन शरीर में तनाव के हॉर्मोन्स के स्तर को बढ़ा कर तनाव के स्तर को बढ़ा देता है, जिससे ब्रेकआउट्स भी हो सकते हैं.

 

त्वचा को होने वाले फ़ायदे

त्वचा को होने वाले फ़ायदे

यदि कम मात्रा में सेवन किया जाए तो चाय और कॉफ़ी दोनों ही त्वचा को फ़ायदा पहुंचाते हैं. जहां ग्रीन टी असमय आने वाले बुढ़ापे के निशान रोकती है, मुहांसों से बचाव करती है, लालिमा और जलन कम करती है, त्वचा को मॉइस्चराइज़ करती है, वहीं दूसरे प्रकार की चाय भी ऐंटी-एजिंग और ऐंटी-इन्फ़्लैमटॉरी गुणों से भरपूर होती हैं. कॉफ़ी शरीर में रक्त प्रवाह को सुधार कर सूजन कम करती है, आपको स्वस्थ, चमकदार और उजली त्वचा देती है. कॉफ़ी ग्राउंड एक्स्ट्रैक्ट को जब चेहरे पर लगाया जाता है तो यह झुर्रियों को कम करता है और कोलैजन के क्षय को भी रोकता है.