इस वर्ष हमारे देश में प्रदूषण यानी पलूशन का स्तर बहुत ही ऊंचा था, जो हमारे स्वास्थ्य और जीवनशैली के लिए किसी ख़तरे की घंटी की तरह है! सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण यानी एयर पलूशन का सेहत पर और भी ख़राब असर पड़ता है और यह हमारी त्वचा के लिए तो और भी गंभीर हो सकता है.

त्वचा पर झुर्रियां, डार्क सर्कल्स, दाग़-धब्बे और त्वचा का मुरझाया हुआ नज़र आना ये सभी प्रदूषण की वजह से हो सकते हैं. और हम इन सब से बचने के लिए केवल अपनी ओर से कुछ प्रयास ही कर सकते हैं. हालांकि इंटरनेट पर आपको अपनी त्वचा को प्रदूषण से बचाने के भरपूर उपाय मिल जाएंगे, लेकिन जब हम आपसे यह कह रहे हैं तो आपको हम पर भरोसा करना ही होगा कि चेहरे को स्कार्फ़ या हैट से ढंक लेना प्रदूषण से बचने के लिए कारगर नहीं है!

क्योंकि त्वचा को प्रदूषण से बचाने के लिए बहुत ज़रूरी है कि आप 360 डिग्री उपाय करें. कहने का अर्थ यह है कि जहां सही स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना त्वचा को प्रदूषण से बचाने का एक क़दम है, वहीं ऐंटी-पलूशन डायट यानी प्रदूषण को रोकने वाली डायट इसका दूसरा क़दम है.

यहां हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनी डायट में शामिल कर के आप त्वचा पर पड़ने वाले प्रदूषण के असर को कम कर सकती हैं...

जैतून का तेल (ऑलिव ऑइल)

सब्ज़ा के बीज (चिया सीड्स)

पालक

खट्टे फल

सूखे मेवे (ड्राइ फ्रूट्स)

टमाटर

जैतून का तेल (ऑलिव ऑइल)
 

जैतून का तेल (ऑलिव ऑइल)

ऑलिव ऑइल में मोनोसैचुरेटेड फ़ैट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो रक्त के संचार को बढ़ाने के साथ-साथ रक्त को शुद्ध भी करते हैं. इसमें कोलेस्टेरॉल की मात्रा शून्य होती है और यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है.

सब्ज़ा के बीज (चिया सीड्स)
 

सब्ज़ा के बीज (चिया सीड्स)

सब्ज़ा के बीज में भरपूर ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो आपके शरीर में मौजूद प्रदूषकों को साफ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ये जैविक रूप से सक्रिय ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स आपके रक्त के ऑक्सिडेशन को रोकते हैं, जो शरीर में मौजूद बाहरी प्रदूषकों के चलते होता है.

पालक
 

पालक

विटामिन और मिनरल्स का बढ़िया स्रोत है पालक. इसमें विटामिन A, C और K मौजूद होते हैं, जो आपके रक्त को शुद्ध करते हैं और आपकी फेफड़े की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करते हैं. पालक मैग्नीशियम और आयरन का भी प्रमुख स्रोत है, जो दिल की गंभीर बीमारियों से बचाने में सक्षम होता है और रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर को नियमित रखने में भी कारगर होता है.

खट्टे फल
 

खट्टे फल

खट्टे फलों में सिट्रिक ऐसिड होता है, जो त्वचा के पीएच स्तर को संतुलित रखता है. इसकी वजह से बाहरी प्रदूषकों से लड़ने की आपकी त्वचा की क्षमता में बढ़ोतरी होती है.

सूखे मेवे (ड्राइ फ्रूट्स)
 

सूखे मेवे (ड्राइ फ्रूट्स)

सूखे मेवे अस्थमा और दम घुटने जैसी समस्याओं को कम करने में मददगार हैं. इनमें विटामिन E प्रचुर मात्रा में होता है, जो आपके फेफड़ों की सक्रियता बढ़ा कर आपको प्रदूषण से लड़ने में सक्षम बनाता है. ड्राइ फ्रूट्स फेफड़ों के फ़िल्ट्रेशन के स्तर को प्रभावित करते हैं, जिससे रक्त में ऑक्सिजन की अधिक मात्रा अवशोषित होती है और आपके शरीर में मौजूद ख़ून की गुणवत्ता बढ़ती है.

टमाटर
 

टमाटर

टमाटर में मौजूद लाइकोपीन की वजह से यह श्वसन से संबंधित बीमारियों से लड़ने में मददगार होता है. शरीर में कोशिकाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाकर यह ख़ून को शुद्ध करने में भी सहायक होता है. साथ ही, टमाटर आपकी त्वचा के पीएच स्तर को संतुलित रखने का भी काम करता है.