आप न जाने कितनी बार अपनी दादी और अपनी मां से हल्दी वाला दूध पीने की हिदायत सुन चुकी होंगी. उन्होंने आपको न जाने कितनी बार हल्दी के ढेर सारे फ़ायदों के बारे में बताया होगा और यह भी बताया होगा कि त्वचा के लिए हल्दी कितनी लाभदायक है. यहां उनकी सभी बातों का समर्थन करते हुए हम भी आपको बता रहे हैं कि क्यों हल्दी भारतीय किचन में इतना ख़ास स्थान रखती है.

हल्दी में ऐंटीसेप्टिक और हीलिंग यानी चिकित्सकीय गुण होते हैं. यह आसानी से उपलब्ध है और यह पूरी तरह सुरक्षित भी है.

हल्दी से त्वचा में चमक आती है

यह सोराइसिस को ठीक करती है

सीबम के उत्पादन को नियंत्रित करती है

पिग्मेंटेशन को कम करती है

हल्दी से त्वचा में चमक आती है
 

हल्दी से त्वचा में चमक आती है

भारतीय शादियों हमें हल्दी की रस्म के विशेष होती है. इसके पीछे वजह यह है कि हल्दी में मौजूद ऐंटीऑक्सिडेंट गुण निस्तेज, फीकी और बेजान त्वचा में भी जान डाल देते हैं. साथ ही हल्दी त्वचा की रंगत को एकसमान बनाने का काम भी करती है. यह त्वचा की आभा निखारती है और उसमें स्वाभाविक चमक जगाती है.

बीब्यूटिफ़ुल टिप: हल्दी और गुलाब जल का फ़ेस पैक बनाकर सप्ताह में एक बार अपने चेहरे पर लगाएं. इससे आपकी त्वचा में सीबम का स्तर नियंत्रित रहेगा. फ़ेस पैक बनाने के लिए एक बोल में दो टीस्पून हल्दी लें और इसमें थोड़ा गुलाब जल मिला कर पेस्ट बना लें. आप चाहें तो गुलाब जल की जगह दूध मिला कर भी पेस्ट तैयार कर सकती हैं. इसे चेहरे पर लगाएं और सूख जाने पर चेहरा धो लें. आपकी त्वचा नर्म-मुलायम और चमकदार हो जाएगी.

यह सोराइसिस को ठीक करती है
 

यह सोराइसिस को ठीक करती है

सोराइसिस त्वचा की एक अवस्था है, जिसमें त्वचा लाल हो जाती है और उसकी उसके छिलके-से उतरने लगते हैं. अपने ऐंटी-इन्फ़्लैमटॉरी गुणों के लिए जानी जाने वाली हल्दी त्वचा की इस लालिमा को नियंत्रित करने में सक्षम है. यह सोराइसिस को शांत करने और राहत पहुंचाने में बहुत प्रभावी है. इसके अलावा हल्दी साइटोकाइन्स के स्तर को भी कम करती है, जो त्वचा की कोशिकाओं को लालिमा के लिए उत्तेजित करता है और शायद सोराइसिस का कारण भी है.

बीब्यूटिफ़ुल टिप: हल्दी को अपनी डायट में शामिल करें और इसके फ़ेस पैक का इस्तेमाल करें, ताकि सोराइसिस का इलाज हो सके, लेकिन इस घरेलू उपचार को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर ले लें.

सीबम के उत्पादन को नियंत्रित करती है
 

सीबम के उत्पादन को नियंत्रित करती है

हम सभी कभी-न-कभी ऑइली स्किन की समस्या से दो-चार हुए हैं. ज़रूरत से ज़्यादा ऑइली स्किन का अर्थ है कि आपकी सेबैशियस ग्लैंड ज़रूरत से ज़्यादा सक्रिय है. इसकी वजह से त्वचा से संबंधित बहुत सी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे मुहांसे और त्वचा पर लालिमा या सूजन. हल्दी फ़ैटी ऐसिड्स और फ़ाइटोस्टेरॉल का एक अच्छा स्रोत है, जो चेहरे पर ऑइल के उत्पादन को नियंत्रित करते हैं और आपकी त्वचा को साफ़-सुथरा और मुलायम बना देते हैं.

बीब्यूटिफ़ुल टिप: अपनी त्वचा के सीबम स्तर को नियंत्रित रखने के लिए सप्ताह में एक बार हल्दी और गुलाब जल का फ़ेस पैक लगाएं.

पिग्मेंटेशन को कम करती है
 

पिग्मेंटेशन को कम करती है

भारतीय खाने में बहुतायत से इस्तेमाल की जाने वाली हल्दी खाने को बहुत अच्छा फ़्लेवर देती है. हल्दी के ब्लीच करने के गुण आपकी त्वचा की रंगत को एक समान बनाने का और पिग्मेंटेशन को दूर करने का काम करते हैं. इस बूटी में ऐंटी-सेप्टिक गुण होते हैं, जो त्वचा पर किसी भी तरह का इन्फ़ेक्शन नहीं होने देते.

बीब्यूटिफ़ुल टिप: एक टीस्पून हल्दी पाउडर में एक टीस्पून नींबू का रस मिलाएं और प्रभावित जगहों पर लगाएं. लगभग 30 मिनट तक लगा रहने दें और बाद में चेहरा धो लें. आपका चेहरा साफ़-सुथरा और बेदाग़ नज़र आएगा.

पाचन को बेहतर बनाती है 

हल्दी में ऐंटी-इन्फ़्लैमटॉरी और ऐंटी-ऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो आपके शरीर से विषाक्त यानी ज़हरीले पदार्थों को बाहर निकाल देते हैं और आपकी पाचन क्षमता बेहतर हो जाती है. इस वजह से आपकी त्वचा भी साफ़-सुथरी नज़र आती है.

बीब्यूटिफ़ुल टिप: इस जादुई इन्ग्रीडिएंट को अपनी डायट में शामिल करने के लिए एक ग्लास दूध में थोड़ा-सा हल्दी पाउडर मिलाएं और हर तीसरे दिन इसका सेवन करें. आप सेहतमंद बनी रहेंगी और आपकी त्वचा दमकती हुई नज़र आएगी.