ये हम आपको डराने के लिए नहीं कह रहे हैं, बल्कि यह सच्चाई है कि सूरज की किरणें आपकी त्वचा को बहुत नुक़सान पहुंचा सकती हैं. इसमें सनबर्न से लेकर त्वचा के कैंसर यानी स्किन कैंसर तक कई चीज़ें शामिल हैं. यही वजह है कि हमें लगा कि एसपीएफ़ के बारे में आपसे बात की जानी चाहिए, क्योंकि अभी तो गर्मी की छुट्टियों वाला मौसम भी है. और बाहर घूमने जाते वक़्त आपको सूर्य की हानिकारक किरणों से अपनी रक्षा करनी ही चाहिए. लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि आपको अपने आकर्षण से किसी तरह का समझौता करना पड़ेगा... आपको तो बस बदलते मौसम के हिसाब से अपना ब्यूटी रूटीन ही बदलना होगा.

गर्मियों में अपनी त्वचा को दमकता हुआ बनाए रखने के लिए सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा का बचाव रखना बहुत ही ज़रूरी है और इस काम में सनस्क्रीन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसे आप अपने स्किनकेयर रूटीन में शामिल कर लें. पर यदि आपका सवाल यह है कि सनस्क्रीन में एसपीएफ़ का कितना स्तर रहना आपके लिए सही रहेगा? सनस्क्रीन की कितनी मात्रा कारगर होगी? तो हम आपको बता दें कि इस आलेख में आपको सनस्क्रीन से जुड़े अपने सवालों के जवाब ज़रूर मिल जाएंगे. तो देर किस बात की? इसे पढ़ डालिए...

कितने एसपीएफ़ वाला सनस्क्रीन बेहतरीन होता है?
 

कितने एसपीएफ़ वाला सनस्क्रीन बेहतरीन होता है?

सन प्रोटेक्शन फ़ैक्टर, जिसे सामान्यत: एसपीएफ़ कहा जाता है, यह बताता है कि आपका सनस्क्रीन यूवीबी किरणों से आपको कितनी सुरक्षा देता है. जहां सूरज की यूवीए किरणें त्वचा के भीतर तक समाहित हो कर समय से पहले बुढ़ापा लाने के लिए ज़िम्मेदार होती हैं, वहीं यूवीबी किरणें सनबर्न के लिए ज़िम्मेदार होती हैं. अत: बहुत ज़रूरी है कि आप ऐसा सनस्क्रीन इस्तेमाल करें जो ‘यूवीए/यूवीबी प्रोटेक्शन’ देता हो या फिर ‘ब्रॉड स्पेक्ट्रम’ प्रोटेक्शन देता हो. ये दोनों ही चीज़ें प्रोडक्ट के पैकेज पर लिखी होती हैं.

आदर्श रूप से एसपीएफ़ 30 वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल किया जाना चाहिए, क्योंकि यह 97% तक सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों को ब्लॉक कर देता है. वे सभी लोग जिनकी त्वचा की रंग गोरी है या फिर जिनकी त्वचा संवेदनशील यानी सेंसिटिव है उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा के लिए एसपीएफ़ 50 वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए.    

कितनी मात्रा में सनस्क्रीन लगाया जाना चाहिए?
 

कितनी मात्रा में सनस्क्रीन लगाया जाना चाहिए?

जहां आपको अपनी त्वचा पर पर्याप्त मात्रा में सनस्क्रीन लगाए बिना घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, वहीं यह बात जानना भी ज़रूरी है कि सनस्क्रीन केवल गर्मियों के मौसम में ही नहीं, बल्कि साल के बारहों महीने लगाया जाना चाहिए. मौसम चाहे जो हो, घर से निकलने के पहले सनस्क्रीन ज़रूर लगाएं.

एक आउन्स (शॉट ग्लास के आकार का) सनस्क्रीन अपने शरीर पर और एक टीस्पून सनस्क्रीन चेहरे पर लगाएं. अपने पैर का ऊपरी हिस्सा, गदर्न, कान और हेयर लाइन जैसे शरीर के हिस्सों पर सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें.  घर छोड़ने से 15 मिनट पहले सनस्क्रीन अप्लाइ करें और हर दो घंटे के बाद इसे दोबारा अप्लाइ करना न भूलें, ख़ासतौर पर तब तो बिल्कुल भी नहीं, जब आप बाहर हों या फिर पानी में हों.

बाज़ार में उपलब्ध बेहतरीन सनस्क्रीन कौन-से हैं?
 

बाज़ार में उपलब्ध बेहतरीन सनस्क्रीन कौन-से हैं?

लैक्मे सन एक्स्पर्ट अल्ट्रा मैट एसपीएफ़ 50 पीए+++ जेल सनस्क्रीन                     

ब्रॉड स्पेक्ट्रम प्रोटेक्शन और एसपीएफ़ 30 वाला यह सनस्क्रीन 97 प्रतिशत तक सूर्य की हानिकाराक किरणों को ब्लॉक कर सकता है. इसका अल्ट्रा-मैट टेक्स्चर हल्का यानी लाइटवेट, तेल न छोड़ने वाला यानी नॉन ग्रीसी और चिपचिपाहट रहित यानी नॉन स्टिकी है.

पॉन्ड्स सन प्रोटेक्शन नॉन-ऑइली सनस्क्रीन  एसपीएफ़ 50

यह नॉन-ऑइली सनस्क्रीन गर्म और नम यानी हॉट और ह्यूमिड मौसम के लिए बेहतरीन है. एसपीएफ़ 50  के साथ आने वाला यह सनस्क्रीन यूवीए और यूवीबी किरणों से ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सुरक्षा प्रदान करने में कारगर है.

डर्मैलॉजिका प्रोटेक्शन 50 स्पोर्ट एसपीएफ़ 50

यदि आप खिलाड़ी हैं यानी स्पोर्ट्स पर्सन हैं तो यह सनस्क्रीन आपके लिए बेहतरीन रहेगा. यह सूर्य की यूवी किरणों के संपर्क में लंबे समय तक बने रहने पर भी आपकी त्वचा को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बना है. साथ ही यह आपकी त्वचा की पर्यावरण के दूसरे नुक़सानदेह कारकों से भी रक्षा करता है. यह बिना तैलीय दिखाए आपकी त्वचा की नमी यानी मॉइस्चर को बढ़ाने में भी कारगर है.