आपकी आंखें, आपके बारे में कितना कुछ कह जाती हैं, है ना? इसलिए ज़रूरी है कि आंखें हमेशा सुंदर नज़र आएं और एक सच ये भी है कि आंखों के आसपास की त्वचा की खामियों को छुपाने की कंसीलर की अपनी सीमाएं हैं. इसलिए 25 वर्ष की उम्र के बाद हर लड़की के लिए बहुत ज़रूरी हो जाता है कि वह आइ क्रीम का इस्तेमाल करे.

इससे पहले कि आप इस प्रोडक्ट को लग्ज़री मानते हुए यह कह कर खारिज कर दें कि आपको इसकी ज़रूरत नहीं है, हमारी बात ध्यान से सुनिए: आंखों के नीचे की सूजन से लेकर आंखों के आसपास पड़ने वाली झुर्रियों तक की समस्याओं के लिए आइ क्रीम्स ऐसे काम करती हैं, जैसे जादू की छड़ी हों. लेकिन जैसे आपको अपनी त्वचा के अनुसार सही मॉइस्चराइज़र चुनना होता है, ताकि आपको इससे ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा मिल सके, बिल्कुल यही बात आइ क्रीम पर भी लागू होती है.

सही आइ क्रीम ढूंढ़ने के काम को आसान बनाने के लिए नीचे हम अलग अलग उद्देश्य के लिए बाज़ार में उपलब्ध अलग अलगत तरह की आइ कीम्स के बारे में बता रहे हैं.

 

रूखेपन के लिए

रूखेपन के लिए

चूंकि आपकी आंखों के आसपास की त्वचा बहुत पतली और नाज़ुक होती है, यहां आपके चेहरे की त्वचा की तुलना में रूखापन पहले आ जाता है. यह तब और ज़्यादा होता है, जबकि आपकी स्किन पहले से ही ड्राइ स्किन की श्रेणी में हो. यदि आपको लगता है कि आपकी आंखों के आसपास की त्वचा पपड़ीदार हो रही है या पीली दिखाई देती है तो मॉइस्चराइज़िंग आइ क्रीम आपके लिए बेहतरीन रहेगी. ऐसी आइ क्रीम का चुनाव करें, जिसमें हायलूरॉनिक ऐसिड या ग्लिसरीन हो, जो मॉइस्चर को त्वचा के भीतर रोक कर रखे, जिससे आपकी आंखों का निचला हिस्सा उजला और भरा भरा नज़र आए.

बीब्यूटिफ़ुल की सलाह: लैक्मे ऐब्सलूट आर्गन ऑइल रैडिअंस नाइट रिवाइवल आइ क्रीम/Lakmé Absolute Argan Oil Radiance Night Revival Eye Cream

 

डार्क सर्कल्स और सूजन के लिए

डार्क सर्कल्स और सूजन के लिए

आंखों से जुड़ी बेहद आम समस्याएं हैं-आंखों के नीचे काले घेरे (डार्क सर्कल्स) और सूजन. सही आइ क्रीम्स इन समस्याओं से निजात दिलाती हैं. यदि आप भी इन समस्याओं से जूझ रही हैं तो ऐसी आइ क्रीम का चुनाव करें, जिसमें पेप्टाइड्स, लैक्टिक ऐसिड या कैफ़ीन जैसे इन्ग्रीडिएंटस हों, जो डार्क सर्कल्स और सूजन के लिए बेहतरीन ढंग से काम करते हैं.

बीब्यूटिफ़ुल की सलाह: डर्मैलॉजिका टोटल आइ केयर एसपीएफ़-15/Dermalogica Total Eye Care SPF -15

 

झुर्रियों और बारीक़ रेखाओं के लिए

झुर्रियों और बारीक़ रेखाओं के लिए

आंखों के निचले हिस्से की त्वचा बहुत ही नाज़ुक होती है और यहां पर्याप्त मात्रा में तेल ग्रंथियां यानी ऑइल ग्लैंड्स भी नहीं होती हैं, जिसकी वजह से यहां झुर्रियां और बारीक़ रेखाएं जल्दी दिखाई देने लगती हैं. चूंकि उम्र के बढ़ते निशानों को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है अत: ऐंटी-एजिंग आइ क्रीम का इस्तेमाल जल्दी शुरू करने में ही भलाई है. यदि आपकी आंखों के नीचे बारीक़ रेखाएं दिखना शुरू हो गई हैं तो ऐसी आइ क्रीम का इस्तेमाल शुरू कर दीजिए, जिसमें रेटिनॉल या विटामिन A मौजूद हो. इससे आंखों के आसपास की त्वचा में कोलैजन का उत्पादन और त्वचा का लचीलापन दोनों ही बढ़ जाएंगे.

बीब्यूटिफ़ुल की सलाह: पॉन्ड्स एज मिरैकल आइ क्रीम/Pond's Age Miracle Eye Cream

इसके साथ ही आपका यह समझना भी ज़रूरी है कि आइ क्रीम्स आपके मॉइस्चराइज़र्स से अलग होती हैं. यहां जानिए कैसे:

  • आइ क्रीम्स में इस तरह के इन्ग्रीडिएंट्स नहीं होते हैं, जो त्वचा में जलन या रैशेज़ पैदा कर सकें, जैसे- इसेंशियल ऑइल्स और तीखी गंध वगैरह.
  • आइ क्रीम्स का टेक्स्चर बहुत ही हल्का होता है और ये आपकी त्वचा के भीतर आसानी से समाहित हो जाती हैं.
  • आइ क्रीम्स विशेष तौर पर इस तरह के इन्ग्रीडिएंट्स से बनाई जाती हैं, जो सूजन, बारीक रेखाओं, झुर्रियों और डार्क सर्कल्स को कम करते हैं. ये केवल आपकी आंखों के आसपास के हिस्से की देखभाल के लिए ही बनाई जाती हैं.