जिस तरह शरीर को स्वस्थ रखने के लिए वर्कआउट की ज़रूरत होती है, ठीक उसी तरह त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए फ़ेशियल की. अब फ़ेशियल कराने के लिए क्या किसी और कारण को ढूंढ़ने की ज़रूरत रह गई है?

अपनी त्वचा की देखभाल के लिए नियम का पालन करना अच्छी बात है, लेकिन कुछ-कुछ समय के अंतराल पर आपको अपनी त्वचा को किसी प्रोफ़ेशनल के हाथों में भी सौंप देना चाहिए... फ़ेशियल कराने के लिए. बहुत सारे स्टेप्स वाला और त्वचा से जुड़ी कई बातों का ख़्याल रखने वाला फ़ेशियल वो ट्रीटमेंट है, जो समय-समय पर आपकी त्वचा को मिलते रहना चाहिए. पर्यावरण में मौजूद धूल-गंदगी, प्रदूषण के कण, कम सोना, असमय खाना, मेकअप और चेहरे को ज़रूरत से ज़्यादा धोने आदि की वजह से हमारी त्वचा कई समस्याओं का सामना करती है, जैसे- पिग्मेन्टेशन, बेजान होना, काले घेरे, झाइयां, दाग़-धब्बे वगैरह...

जहां रोज़ाना क्लेंज़िंग-टोनिंग-मॉइस्चराइज़िंग करने से आपकी त्वचा को पोषण और नमी मिलती है, वहीं फ़ेशियल में इससे एक क़दम आगे बढ़कर आपकी त्वचा की गहाराई से सफ़ाई होती है. फ़ेशियल में त्वचा पर मौजूद गंदगी के अलावा त्वचा पर जमी मृत कोशिकाओं की पर्त भी हट जाती है. इससे चेहरा उजला दिखता है, रंगत एक समान नज़र आती है और चेहरे पर सेहतभरी चमक आ जाती है. पर कई बार फ़ेशियल कराने के बाद आपकी त्वचा अच्छी नहीं भी दिखाई देती है. आपके चेहरे पर मुहांसे आ जाते हैं, खुजली होती है, जलन महसूस होती है या चेहरा लाल दिखाई देने लगता है. यदि आपके साथ भी ऐसा हो तो चिंता न करें. यहां हम बता रहे हैं कि ऐसे में आपको क्या करना चाहिए.

 

जब चेहरा सूज जाए और लालिमा नज़र आए

जब चेहरा सूज जाए और लालिमा नज़र आए

फ़ेशियल में केमिकल पील्स का इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही, त्वचा पर घर्षण भी होता है, इस वजह से सूजन और लालिमा की समस्या हो जाती है. आप ठंडे पानी की पट्टियां रख कर अपनी त्वचा को राहत पहुंचा सकती हैं. इससे सूजन और लालिमा दोनों में ही कमी आएगी. या फिर आप अपना वो बॉडी लोशन या मॉइस्चराइज़र भी इस्तेमाल कर सकती हैं, जिनमें ऐंटी-इन्फ़्लैमटॉरी और त्वचा को ठंडक पहुंचाने वाले इन्ग्रीडिएंट्स हों, जैसे ऐलो वेरा और खीरा. फ़ेशियल ट्रीटमेंट लेने के बाद इसे लाल व सूजे हुए हिस्सों पर लगाएं.

 

जब मुहांसे या ब्रेकआउट्स  हो जाएं

जब मुहांसे या ब्रेकआउट्स  हो जाएं

फ़ेशियल के दौरान ज़्यादा तैलीय या ज़्यादा ख़ुशबू वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से चेहरे पर मुहांसे या ब्रेकआउट्स की समस्या हो सकती है. इससे होने वाली सूजन व जलन से बचाव के लिए राहत पहुंचाने वाली ऐसी क्रीम या सीरम का इस्तेमाल करना चाहिए, जिनमें इन्हें ठीक करने के गुणों वाले इन्ग्रीडिएंट्स हों, जैसे- ग्रीन टी या एलोवेरा. आप   लैक्मे 9 टू 5 नैचुरल ऐलो ऐक्वा जेल को आज़मा कर देखें. यह हल्का, चिपचिपाहट रहित और नमी देने वाला ऐसा जेल है, जो हर तरह की त्वचा पर असरदार है.

यदि आपकी त्वचा संवेदनशील यानी सेंसिटिव है तो फ़ेशियल के बाद लंबे समय तक मेकअप न लगाएं, ताकि आपकी त्वचा अच्छी तरह सांस ले सके. गहराई से सफ़ाई किए जाने के कारण फ़ेशियल कराने के बाद आपकी त्वचा के रोमछिद्र खुले होते हैं. इसका मतलब ये है कि त्वचा बैक्टीरिया के प्रति बहुत संवेदनशील होती है. अत: आप त्वचा को स्वाभाविक रूप में ही रहने दें, ताकि फ़ेशियल के दौरान इस्तेमाल की गई क्रीम्स और एक्स्फ़ॉलिटर्स अपना काम कर सकें, त्वचा में समाहित हो सकें. यदि आपका मेकअप करना ज़रूरी ही हो तो ये सुनिश्चित करें कि सारे मेकअप ब्रश अच्छी तरह साफ़ कर लिए गए हों.

 

जब खुजली महसूस हो

जब खुजली महसूस हो

फ़ेशियल ट्रीटमेंट के दौरान इस्तेमाल किए गए केमिकल एक्स्फ़ॉलिएटर्स आपकी त्वचा को सूर्य की किरणों से होने वाले नुक़सान, जलन व खुजली के प्रति संवेदनशील बना देते हैं. यही वजह है कि हम सलाह देंगे कि फ़ेशियल ट्रीटमेंट के बाद कुछ घंटों तक आप घर से बाहर न निकलें. यदि बाहर जाना ही पड़े तो चेहरे पर अच्छी तरह सनस्क्रीन लगा कर ही निकलें, ताकि आपके चेहरे पर खुजली न हो और रैशेज़ न होने पाएं. यदि आपको रैशेज़, जलन या खुजली महसूस हो रही है तो सबसे पहले तो टोनर का इस्तेमाल बंद कर दें. यही नहीं, दो-तीन दिनों तक डीप क्लेंज़र्स और एक्स्फ़ॉलिएटर्स का इस्तेमाल भी ना करें.