गहरे रंग (डीपर स्किन टोन) की त्वचा मेलेनिन से भरपूर होती है और हल्की या गेहुँआ त्वचा की तुलना में अलग-अलग तरीकों से प्रतिक्रिया कर सकती है। जब आप त्वचा के लिए पावरफुल एसिड का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपकी त्वचा में गहराई से प्रवेश करते हैं और इसके टेक्सचर व लुक को बदलने का काम करते हैं। मेलानिन वाली त्वचा के लिए इन एसिड्स का इस्तेमाल करते समय आपको थोड़ा सावधान रहना चाहिए, क्योंकि सही तरीके से यदि इसे इस्तेमाल ना किया जाए तो हाइपरपिगमेंटेशन और इर्रिटेशन हो सकता है। हम आपको बता रहे हैं कि 5 स्किन केयर एसिड्स के बारे में, जिसका इस्तेमाल गहरे रंग वाली त्वचा के लिए किया जा सकता है।

गहरे रंग वाले स्किन केयर में कैसे करें एसिड्स का इस्तेमाल

01. सैलिसिलिक एसिड

सैलिसिलिक एसिड एक्ने प्रोन और ऑयली स्किन वालों के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त है। यह एसिड एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल एजेंट के रूप में काम करता है, ताकि एक्ने कंट्रोल में रहे। यह एक बेहतरीन एक्सफोलिएटर भी है और सीबम को बैलेंस करने का काम भी करता है। इसे क्लीन्ज़र, सीरम या मॉइश्चराइजर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। गहरे रंग वालों के लिए 2% सैलिसिलिक एसिड पर्याप्त है।

02.  ग्लाइकोलिक एसिड

ग्लाइकोलिक एसिड एक एएचए (अल्फा हायड्रोक्सी एसिड) है, जिसका इस्तेमाल केमिकल पीलस, टोनर्स और क्लीनज़र्स में डेड स्किन सेल्स निकालने के लिए किया जाता है। इसका मॉलिक्यूलर वेट सबसे कम होता है, इसलिए यह स्किन में अच्छी तरह से जाता है। इसलिए कभी-कभार गहरे रंग वालों में पोस्ट इंफ्लेमेटरी हाइपर पिगमेंटेशन होने की संभावना होती है। ऐसा ना हो इसके लिए ज्यादा जेन्टल मेन्डेलिक एसिड यूज़ करने की सलाह दी जाती है।

 

गहरे रंग वाले स्किन केयर में कैसे करें एसिड्स का इस्तेमाल

 03.लैक्टिक एसिड

लैक्टिक एसिड एक जेन्टल एक्सफोलिएटर है, जो स्किन को बेहतर बनाता है और उसका मॉइश्चर बैरियर भी गड़बड़ नहीं होने देता। दूध से प्राप्त लैक्टिक एसिड आपकी स्किन में नेचुरली पाया जाता है। नियमित रूप से इसे इस्तेमाल करने से यह स्किन टेक्सचर को इंप्रूव करता है। रोज़ाना इस्तेमाल के लिए ऐसा प्रोडक्ट ढूंढें, जिसका पीएच 3.4 से 5 तक हो और 10% कॉन्सनट्रेशन हो।

04.  ह्यालूरॉनिक एसिड

ह्यालूरॉनिक एसिड, गहरी त्वचा वालों के लिए एक वरदान है। यह पावरफुल इनग्रेडिएंट स्किन में नेचुरली मिलता है, जो स्किन का मॉइश्चर और लिपिड बैरियर को बैलेंस करता है। इसके लिए आप ऐसा फार्मूला ढूंढें जो सपोर्टिंग इनग्रेडिएंट्स से बना हो, जैसे- लैक्टोबायोनिक एसिड और ल्यूमिकोल, जो हाइपरपिगमेंटेशन को कंट्रोल करता है और डार्क स्पॉटस व फाइन लाइंस को कम करता है।


05. एस्कॉर्बिक एसिड


 यह भ्रम है कि ब्राइटनिंग और लाइटनिंग इनग्रेडिएंट एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी) नेचुरल स्किन टोन को डिस्टर्ब कर सकता है। यह गलत है। विटामिन सी खासतौर पर हाइपरपिगमेंटेशन को टारगेट करता है और नेचुरल स्किन टोन को बिल्कुल नुकसान नहीं पहुंचाता। बस, ये ध्यान ज़रूर रखें कि साथ में सनस्क्रीन लगाना ना भूलें, ताकि इनग्रेडिएंट अपना काम कर सके।