फाइन लाइंस, झुर्रियों, सुस्त स्किन, डार्क स्पॉट्स, लार्ज पोर्स व ढीली स्किन ये कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन्हें देख कर आप इस बात का अनुमान लगा सकती हैं कि आपकी स्किन में एजिंग की समस्या शुरू हो गई है। यह सच है कि उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन आपकी स्किन पर उम्र का समय से पहले प्रभाव दिखना कई कारणों से होता है। खासतौर से हद से ज्यादा सूर्य की किरणों के कारण, तनाव के कारण व सही स्किन केयर रूटीन फॉलो न करने के कारण। लेकिन अगर आप समय रहते, आपकी एजिंग स्किन का थोड़ा सा ख़याल रखना शुरू कर देंगी तो आपको इन परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा।

इसलिए आज हम आपको ऐसे पांच चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी स्किन को जवां रखने में मदद करेगी। जैसा कि कुछ विद्वानों ने कहा है कि उम्र का बढ़ना जीवन का एक बड़ा तथ्य है, लेकिन अपनी उम्र को दिखाना जरूरी नहीं। " .

 

रेटिनोल

रेटिनोल

 

विटामिन ए से ही बना है रेटिनॉल एक लोकप्रिय स्किनकेयर तत्वों में से एक है, जो समय से पहले स्किन की उम्र बढ़ने से लड़ने का काम करता है। यह एक्टिव तत्व, आपकी स्किन में सेल टर्नओवर की प्रक्रिया को भी तेजी से बढ़ाता है। साथ ही कोलेजन उत्पादन को भी बढ़ाता है, जिसकी वजह से  आपको झुर्रियों, फाइन लाइंस व उम्र के बढ़ने से होने वाली बाकी परेशानियों से भी राहत मिलती है।

 एक बात का ध्यान जरूर रखें :   रेटिनोल इस्तेमाल करते हुए इसके कंसन्ट्रेशन का ध्यान रखें, क्योंकि कई बार इससे स्किन में जलन की परेशानी होती है, इसलिए बेहतर है कि इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट कर लें।

 

 

ग्लाइकोलिक एसिड

ग्लाइकोलिक एसिड

पानी में आसानी से घुलने वाला ग्लाइकोलिक एसिड एक लोकप्रिय तत्व है, जिसे स्किन इंड्रस्ट्री में खूब इस्तेमाल किया जाता है, खासतौर से एजिंग स्किन से छुटकारा पाने के लिए। छोटे मॉलीक्यूलर स्ट्रक्चर के कारण, ग्लाइकोलिक एसिड स्किन में काफी गहराई से जाता है और स्किन पर होने वाली फाइन लाइंस को घटाता है, साथ ही एक्ने व डार्क स्पॉट्स को भी घटाता है। यह स्किन को एक्सफोलिएट भी करता है व स्किन टोन व टेक्सचर को भी दुरुस्त करता है। यह तत्व सेंसिटिव स्किन टाइप में किसी भी तरह से होने वाली जलन या सूजन को ठीक करता है। लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले एक बार अपने डर्मेटोलॉजिस्ट से बात करें और डाइल्यूटेड फॉर्मूला ही इस्तेमाल करें।

 

नियासिनेमाइड

नियासिनेमाइड

हम सभी जानते हैं कि नियासिनेमाइड एक बेहतरीन तत्व है, यह एक तरह का विटामिन बी 3 है, जो स्किन को हाइड्रेट करने के साथ-साथ स्किन को चमक देने का भी काम करता है और उसे ठंडक भी पहुंचाता है। यह एक ऐसा एंटी ऑक्सीडेंट है, जो स्किन टेक्सचर को इम्प्रूव करता है, साथ ही उन फ्री रेडिकल्स से लड़ता है, जो प्री मैच्योर एजिंग का कारण बनते हैं। यह तत्व स्किन को इलास्टिसिटी देने के साथ, डार्क स्पॉट्स घटाता है व झुर्रियों को भी घटाता है। यह आपकी स्किन पर सुरक्षित तरीके से काम करता है। रेटिनोल र ग्लाइकोलिक एसिड की तुलना में यह बेहतर तत्व है।

 

ह्यलुरॉनिक एसिड

ह्यलुरॉनिक एसिड

एक लोकप्रिय ह्यूमेक्टेंट होने के कारण हायलुरॉनिक एसिड काफी फेमस है। इसे काफी लोग पसंद करते हैं और इसकी कई वजह हैं। एजिंग स्किन की परेशानी के लिए यह एक ऐसा तत्व है, जो काफी अच्छा होता है। यह स्किन को हाइड्रेट करता है व प्लम्प बनाता है। डल व ड्राई स्किन, दो ऐसी परेशानी है, जिसकी वजह से स्किन एजिंग साफ़ नजर आती है। ऐसे में ह्यलुरॉनिक एसिड काफी सही होता है। यह मॉइस्चर को एब्ज़ोर्ब करता है और फिर उसे स्किन तक पहुंचाता है और सेल्स में अच्छी तरह से मॉइस्चर को बरक़रार रहने में मदद करता है।

 

लैक्टिक एसिड

लैक्टिक एसिड

अगर आपकी स्किन ड्राई है तो लैक्टिक एसिड को आपको अपनी स्किन केयर रूटीन में शामिल करना चाहिए, यह आपकी स्किन मॉइस्चराइजेशन में मदद करता है, साथ ही हाइड्रेशन के स्तर को भी इम्प्रूव करता है। एजिंग स्किन से छुटकारा पाने के लिए, इसमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो कोलेजन उत्पादन में मदद करते हैं, इससे आपकी स्किन में इलास्टिसिटी यानी लचीलापन बना रहता है। साथ ही यह झुर्रियों, फाइन लाइंस व डार्क स्पॉट्स को भी घटा कर स्किन को हेल्दी बनाता है। लैक्टिक एसिड लगाने के बाद जब से आपकी स्किन पर सूर्य की रौशनी अधिक पड़ती है तो इससे स्किन अधिक सेंसिटिव हो जाती है, इसलिए आपको सनस्क्रीन हर दिन जरूर लगा लेना चाहिए।