यक़ीन मानिए केवल आप ही ऐसी नहीं हैं, जो सुबह-सुबह नींद में अलसाई हुई मुंह धोने के लिए बाथरूम का रुख़ करती हैं और अपने माथे पर एक बड़ा-सा पिम्पल देख कर जिसकी नींद अचानक यूं खुल जाती है, जैसे कोई झटका-सा लगा हो. आईने के सामने होने वाली इस तरह की डरावनी घटनाओं के दोहराव को रोकने के लिए हम लाए हैं मुहांसों से निपटने के कुछ प्राकृतिक और कारगर तरीक़े. आगे पढ़ती रहें और जानें कि ये कौन-से तरीक़े हैं...

मुहांसों के इलाज के लिए ख़ुद बनाएं ये प्रभावी फ़ेस पैक  

बहुत सारी ऐसी सामग्रियां हैं, जिन्हें अपने चेहरे पर लगा कर आप मुहांसों के होने की बारंबारता को कम कर सकती हैं. इनमें से कुछ नाम नीचे दिए गए हैं:

ऐप्पल साइडर विनेगर
 

ऐप्पल साइडर विनेगर

कई तरह के ऑर्गैनिक ऐसिड्स से भरपूर ऐप्पल साइडर विनेगर बैक्टीरिया और वाइरस को ख़त्म करने में बहुत कारगर है- ख़ासतौर पर मुहांसों के लिए ज़िम्मेदार पी. ऐक्ने बैक्टीरिया के ख़ात्मे के लिए, जो त्वचा में पाया जाता है और कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए ज़िम्मेदार होता है. इस विनेगर में मौजूद एसिटिक ऐसिड त्वचा पर मौजूद पुराने दाग़-धब्बों को कम करने का और मुहांसों के आने के लिए ज़िम्मेदार त्वचा पर मौजूद अतिरिक्त तेल को सोखने का काम करता है.

थोड़ा ऐप्पल साइडर विनेगर लें. इसमें इसकी मात्रा से तीन गुना पानी मिलाएं और इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं. इसे केवल 15 सेकेंड्स के लिए चेहरे पर लगाएं और तुरंत चेहरा धो लें. यदि आपकी त्वचा संवेदनशील यानी सेंसिटिव है तो बेहतर होगा कि आप पानी की मात्रा को और ज़्यादा कर दें- विनेगर आपके चेहरे त्वचा के लिए कठोर साबित हो सकता है. अत: इसे चेहरे पर लगाने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी मिलाना बहुत ही ज़रूरी है.

ग्रीन टी
 

ग्रीन टी

ऐप्पल साइडर विनेगर की ही तरह ग्रीन टी में भी वो उपयोगी ऑर्गैनिक पदार्थ होते हैं, जो आपके चेहरे पर मौजूद बैक्टीरिया का सफ़ाया कर देते हैं. यह आपके मुहांसों के आसपास आई सूजन को कम करने में भी कारगर है. इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स चेहरे पर सीबम के अतिरिक्त उत्पादन को रोकते हैं.

इसके लिए आपको करना बस यह है कि थोड़ी ग्रीन टी बनाएं और इसमें रुई के फाहे यानी कॉटन बॉल्स डालकर इससे अपने चेहरे की सौम्यता से मालिश करें. जब यह आपके चेहरे पर सूख जाए तो चेहरे को पानी से धो लें. इस बात का ध्यान रखें की ग्रीन टी बहुत गर्म न हो, बल्कि कमरे के सामान्य तापमान यानी रूम टेम्परेचर पर हो, क्योंकि यदि यह गर्म हुई तो आपका चेहरा रूखा हो जाएगा.

टी ट्री ऑइल

यह एक और काम का इन्ग्रीडिएंट है, जो आपकी त्वचा पर यहां-वहां ऊग आने वाले पिम्पल्स को रोकने का काम करता है. इसमें ऐंटी-माइक्रोबिअल और ऐंटी-इन्फ़्लैमटॉरी गुण होते हैं, जो आपकी त्वचा के उस हिस्से में, जहां अधिकतर पिम्पल्स होते हैं, में मुहांसे लाने में कमी करते हैं. पर यहां आपको यह बताना बहुत ज़रूरी है कि टी ट्री ऑइल बहुत ही तीक्ष्ण होता है और इसे त्वचा पर लगाने से पहले इसमें बहुत अधिक मात्रा में पतला करना ज़रूरी होता है. इसकी तीक्ष्णता को कम करने लिए आप कैरियर ऑइल्स, जैसे- ऑलिव ऑइल, नारियल का तेल आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर पानी मिला कर भी इसे पतला बनाया जा सकता है.

कैमोमाइल
 

कैमोमाइल

लगता है हमें मुहांसों के इलाज के लिए एक और चाय मिल गई है! इस इन्ग्रीडिएंट के त्वचा को ठीक करने वाले गुण, आपकी त्वचा की समस्याओं को बीते समय की बात में तब्दील कर देंगे. कैमोमाइल न सिर्फ़ चेहरे पर आई सूजन को कम करता है, बल्कि यह घावों के दाग़ों को भी ठीक करता है: यह मुहांसे आने के दौरान भी उतना ही उपयोगी है, जितना कि मुहांसों के ठीक हो जाने के बाद.

एक कप पानी में एक-दो कैमोमाइल टी बैग्स डुबोएं और इसे 10 मिनट तक डूबा रहने दें. अब अपना चेहरा अच्छी तरह धोएं, ताकि यदि चेहरे पर मेकअप प्रोडक्ट्स के कण रह गए हों तो वे निकल जाएं. अब चेहरे पर कॉटन बॉल की सहायता से कैमोमाइल टी को सौम्यता से लगाएं और मालिश करें. बाद में चेहरा धो लें.

मुहांसे घटाने वाला खानपान

यदि आप बहुत ज़्यादा चाय पीती हैं या चॉकलेट खाना पसंद करती हैं तो आपके चेहरे पर मौजूद मुहांसे कम नहीं होने वाले. चाय-कॉफ़ी पीना और चॉकलेट खाना कम करें और साथ ही इन खाद्य पदार्थों को अपने खानपान में शमिल करें:

ऐसी चीज़ें जिनमें ओमेगा 3 फ़ैटी ऐसिड्स की अधिकता हो

बहुत अधिक सीबम बनाने वाले हार्मोन्स को नियंत्रित कर नियमित कर के ओमेगा 3 फ़ैटी ऐसिड्स हार्मोन्स की वजह से होने वाले मुहांसों का होना कम करते हैं. सप्ताह में एक बार रात के खाने में सामन मछली या फिर स्नैक्स के दौरान अखरोट को अपने खानपान में शामिल कर के आप अपने मुहांसों की छुट्टी करने की दिशा में बड़ा क़दम उठा लेंगी. इसके अलावा आप मछली के तेल के सप्लिमेंट्स भी ले सकती हैं, क्योंकि उनमें ओमेगा 3 ऐसिड्स की काफ़ी अधिक मात्रा होती है.

ज़िंक की अधिकता वाले खाद्य पदार्थ
 

ज़िंक की अधिकता वाले खाद्य पदार्थ

हर्मोन्स को नियमित करने में एक और रसायन, जो ख़ासा प्रभावी है, वो है-ज़िंक. जिन लोगों के रक्त में ज़िंक की कमी पाई गई और वो लोग जिन्हें मुहांसे होते हैं, उनके बीच आपसी संबंध पाया गया है. अपने शरीर में ज़िंक की मात्रा को बढ़ाने के लिए आप सूखे मेवे यानी ड्राइ फ्रूट्स खाएं, जैसे- काजू और बादाम. ज़िंक के सप्लिमेंट्स भी उपलब्ध हैं, जो आपके भीतर ज़िंक की कमी को दूर कर सकते हैं. यह पाया गया है कि यदि आप मुहांसों पर ज़िंक लगाएं तो यह किसी काम का साबित नहीं होता, क्योंकि त्वचा इसे अवशोषित नहीं कर सकती है-इसे अपने खानपान में शामिल करना ही एक विकल्प है.

ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें शक्कर की मात्रा कम होती है

यह बात तो अपने आप ही समझ में आने वाली है- जिन खाद्य पदार्थों में शक्कर की मात्रा अधिक होती है, वे आपकी त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं. जब बात आपके मुहांसों से जीतने की हो तो यह माना जा सकता है कि लो-ग्लाइसेमिक डायट आपके लिए बेहतर रहेगी. आप के खानपान में ओट्स और चावल जैसी चीज़ों को शामिल करें.

कुछ प्रोडक्ट्स
 

कुछ प्रोडक्ट्स

यदि आप अपनी डायट पर नियंत्रण कर के पिम्पल्स को कम करने के ख़्याल से भी घबराती हैं (हालांकि सच पूछिए तो इससे बचना संभव नहीं है) तो आपको कुछ प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना होगा, ताकि मुहांसों से निजात पाया जा सके.

मॉइस्चराइज़र

आपको यह लग सकता है कि चेहरे पर मॉइस्चराइज़र अप्लाइ करने का अर्थ है कि आपके चेहरे पर तेल की अधिकता हो जाएगी, पर सच्चाई इसके उलट है. अतिरिक्त सीबम, जो आपकी त्वचा के रोमछिद्रों में होता है, तब त्वचा के बाहर निकल जाता है, जब आप मॉइस्चराइज़र लगाती हैं, क्योंकि मॉइस्चराइज़र के प्रभाव से त्वचा थोड़ी ढीली हो जाती है. एक ऐसा मॉइस्चराइज़र चुनें, जिसमें सैलिसिलिक ऐसिड और बेन्ज़ॉइल परॉक्साइड हो, क्योंकि इन दोनों ही इन्ग्रीडिएंट्स को मुहांसे कम करने के लिए जाना जाता है. हालांकि आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप इन दोनों का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे कुछ समय बाद त्वचा मॉइस्चराइज़र को सोखना बंद कर देती है और केवल चेहरे पर लगी रहती है, जिससे मुहांसे होने की संभावना और बढ़ जाती है.

एसपीएफ़ वाला सनस्क्रीन

सूर्य की किरणों से हुआ नुक़सान भी मुहांसों का एक बड़ा कारण है-फ्री रेडिकल्स से आपकी त्वचा को होने वाला नुक़सान सूर्य की यूवी किरणों के कारण बढ़ जाता है, जिससे चेहरे पर सूजन और मुहांसों की समस्या में बढ़ोतरी हो सकती है. मुहांसे से चेहरे पर पड़े दाग़-धब्बों पर सूरज की किरणों का बुरा प्रभाव पड़ता है. सूरज की किरणों की वजह से हाइपरइन्फ़्लेशन होता है, जिससे ये दाग़ और भी गहरे नज़र आने लगते हैं. एक अच्छा सनस्क्रीन लगा कर आप चेहरे पर सूरज की किरणों से होने वाले नकारात्मक प्रभाव को रोक सकते हैं.

सामान्य सुझाव

#1 अपने मेकअप टूल्स को साफ़ करें

हम आपको बताना चाहते हैं कि आपके मुहांसों का एक कारण यह भी हो सकता है कि आप अपने मेकअप ब्रश को हफ़्तों तक नहीं धोती हैं- ऐसा बिल्कुल न करें. ब्रश पर लगे मेकअप प्रोडक्ट को लंबे समय तक खुला छोड़कर आप जैसे बैक्टीरिया को ख़ुद ही दावत दे डालती हैं कि आओ और मेरी त्वचा को ख़राब दिखाओ. ब्रशेज़ को साफ़ करने के लिए आप हल्के गर्म पानी और शैम्पू का इस्तेमाल कर सकती हैं.

#2 सोने जाने से पहले अपना मेकअप अच्छी तरह हटा लें

यह एक बहुत ही ज़रूरी प्रक्रिया है, जिसे आपको हर हाल में अपनाना ही होगा- चाहे जो भी स्थिति हो. यदि आप चेहरे पर लगा मेकअप नहीं हटाती हैं तो चेहरे पर बनने वाला तेल और वातावरण में मौजूद प्रदूषण व गंदगी आपकी त्वचा में क़ैद हो कर रह जाती है. इससे पिम्पल्स होने का ख़तरा बढ़ जाता है.