जिनकी स्किन ऑयली है, उन्हें अक्सर स्किन सम्बन्धी ज़्यादा परेशानियां उठानी पड़ती है. बार-बार चेहरे पर आए ऑयल को टिश्यू से पोछते रहना पड़ता है ताकि चेहरा ख़राब न लगे. सच तो यह है कि बदलते मौसम के साथ यह परेशानी और भी बढ़ जाती है. ऑयली स्किन का कारण है तनाव, सही खान-पान न होना, हॉर्मोन्स का असंतुलन, प्रदूषण और स्किन की सही देखभाल न होना, जैसे मॉइश्चराइज़र न लगाना.

ऑयली स्किन वाली महिलाओं को लगता है कि उन्हें मॉइस्चराइज़र लगाने की ज़रुरत नहीं है. अगर आप स्किन को मॉइस्चराइज़ नहीं करती हैं, तो आपकी स्किन में सीबम का प्रोडक्शन बढ़ जाएगा और इससे आपकी स्किन और भी ऑयली लगेगी. मॉइस्चराइज़र स्किन को हाइड्रेट करने और स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज़रूरी है. ऑयली स्किन वालों के लिए सबसे बड़ा चैलेंज है स्किन को कैसे मॉइस्चराइज़ करें कि वह ऑयली न लगे. आपकी मुश्किल को आसान करने के लिए हम लाए हैं कुछ आसान से टिप्स.

 

01 ऐसे मॉइस्चराइज़र लगाएं, जो ऑयली स्किन के लिए ही बने हों

01 ऐसे मॉइस्चराइज़र लगाएं, जो ऑयली स्किन के लिए ही बने हों

जब भी मॉइस्चराइज़र ख़रीदने जाएं तो यूँ ही न चुन लें, वही मॉइस्चराइज़र चुनें जो ख़ासतौर पर ऑयली स्किन के लिए ही बने हों. ये मॉइस्चराइज़र वॉटर बेस्ड या जेल बेस्ड और लाइट वेट होते हैं. इनमें ऐसे तत्व होते हैं, जो हवा से मॉइस्चर अब्ज़ॉर्ब करके उसे स्किन में लॉक कर देते हैं. दि पॉन्ड्स सुपर लाइट जेल ऑयल -फ्री मॉइस्चराइज़र ऑयली स्किन में आसानी से अब्ज़ॉर्ब हो जाता है और बिना किसी चिपचिपाहट के 24 घंटे स्किन को मॉइस्चराइज़ करता है. और इसे आप किसी भी मौसम में इस्तेमाल कर सकती हैं.

 

2. चुनें ऑयल फ्री और नॉन कोमेडोजेनिक फॉर्मूला

2. चुनें ऑयल फ्री और नॉन कोमेडोजेनिक फॉर्मूला

ऑयली स्किन के लिए वो प्रोडक्ट्स बेहतर होते हैं, जो ऑयल फ्री और और नॉन कोमेडोजेनिक होते हैं, यानी जो पोर्स को बंद नहीं करते हैं. खरीदने के पहले लेबल ज़रूर चेक करें और ऐसे इंग्रेडिएंट्स वाले प्रोडक्ट्स न लें, जिसमें कोकोनट ऑयल, शिया बटर, वैक्स, लाइनोलिक एसिड, मिनरल ऑयल , लॉरिक एसिड और स्टीरिल अल्कोहल आदि हो. बेहतर होगा कि सिंपल स्किन हायड्रेटिंग मॉइस्चराइज़र चुनें। यह ऑयली और सेंसिटिव दोनों टाइप की स्किन के लिए अच्छा है. यह 12 घंटे स्किन को मॉइस्चराइज़ करता है और चिपचिपाहट भी नहीं देता.

 

03. मॉइस्चराइज़र लगाने के पहले टोनर ज़रूर लगाएं

03. मॉइस्चराइज़र लगाने के पहले टोनर ज़रूर लगाएं

टोनर स्किन केयर रूटीन का पहला स्टेप है. यह ऑयली स्किन से ऑयल की अधिकतम मात्रा और गंदगी को हटाता है, पोर्स को टाइट करता है और स्किन को अच्छी तरह मॉइस्चर अब्ज़ॉर्ब करने में मदद करता है. इसके लिए अल्कोहल फ्री फॉर्मूला जैसे लक्मे एब्सोल्यूट पोरे फिक्स टोनर। यह पोर्स को टाइट करता है और आपको देता है एक क्लीन और स्मूद स्किन. यह अल्कोहल फ्री होने के कारण स्किन को क्लीन करता है बगैर स्किन को नुक़सान पहुंचाए

 

4. स्किन फ्रेंडली इंग्रेडिएंट्स

4. स्किन फ्रेंडली इंग्रेडिएंट्स

स्किन प्रोडक्ट्स खरीदने के पहले जिस तरह ये ज़रूरी है कि आप कुछ इंग्रेडिएंट्स को अवॉईड करें, उसी तरह आपको ऐसे इंग्रेडिएंट्स, भी देखना चाहिए, जो स्किन को हाइड्रेट करने के लिए जाने जाते हैं. जैसे ह्यालुरोनिक एसिड ( hyaluronic acid), निआसिनामाइड (niacinamide), केओलिन ( kaolin ) और डायमेथिकोन (dimethicone, a silicone variant). ये इंग्रेडिएंट्स स्किन के टेक्सचर को इम्प्रूव करते हैं और अक्सर फेशियल मास्क और उन प्रोडक्ट्स में यूज़ होते हैं, जो ख़ास ऑयली स्किन के लिए बनाए जाते हैं.

 

5. ये स्किनकेयर मिस्टेक्स न करें

5. ये स्किनकेयर मिस्टेक्स न करें

प्रोडक्ट्स को स्किन पर लगाने के पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. हमेशा पहले लाइट प्रोडक्ट्स लगाएं फिर हैवी। जैसे पहले सीरम लगाएं और फिर क्रीम। इसके बाद हल्के हाथों से स्किन को थपथपाएं या गोलाई में मसाज करें. ध्यान रखें कि चेहरे को रगड़ें नहीं. रात को सोने के पहले चेहरे को मॉइस्चराइज़ करना न भूलें. आँखों के नीचे और आस-पास की स्किन पर भी क्रीम या मॉइस्चराइज़र लगाएं, क्योंकि अक्सर पहले झुर्रियां यहीं पड़ती हैं, इसलिए प्रॉपर स्किन केयर बहुत ज़रूरी है.