यह सच है की पीसीओएस, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण आपको पीरियड में परेशानी होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कारण इसका असर आपकी स्किन और बालों पर हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हार्मोनल इंबैलेंस के कारण शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं, जिससे स्किन का ड्राई होना, खुजली, जलन, सूजन और बालों के गिरने की परेशानी होती है।

ऐसे में हमारी स्किन पर पीसीओएस का क्या असर होता है, यह जानने के लिया और आपकी स्किन को ड्राई बनाने से रोकने के लिए, हमने डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ मृणाल शाह मोदी से बातचीत की और उन्होंने इससे जुड़ी सारी जानकारी विस्तार से बताई।

 

पीसीओएस क्या है और यह किसे प्रभावित करता है?

पीसीओएस क्या है और यह किसे प्रभावित करता है?

पीसीओएस एक हेल्थ प्रॉब्लम है, और यह दस में से एक को चाइल्ड बियरिंग एज में प्रभावित करता है। यह आपके शरीर में हार्मोन के बैलेंस बिगड़ने से होती है, जिसकी वजह से इरेगुलेर पीरियड शुरू हो जाते हैं। इससे कई बार काफी अधिक पीरियड होते हैं और कई बार मेल हार्मोंस( एंड्रोजेन) की भी मात्रा बढ़ जाती है। इसके कारण महिलाओं में इनफर्टिलिटी भी हो सकती है।

 

पीसीओएस किस तरह से स्किन को प्रभावित करती है?

पीसीओएस किस तरह से स्किन को प्रभावित करती है?

डॉ मृणाल के अनुसार पीसीओएस स्किन को कई तरीकों से प्रभावित करता है। आमतौर पर जो समस्या सबसे अधिक दिखाई देती है, वह है चिन यानी ठुड्डी के नीचे और जौ लाइन पर अनचाहे बाल नजर आने लगते हैं। इसके कारण ब्रेस्ट और पेट पर भी बाल आते हैं। इसके कारण अंडर आर्म और गले के चारों तरफ कालापन हो जाता है। यह परेशानी acanthosis निग्रिकेंस के नाम से जाना जाता है।

इसके अलावा डैंड्रफ की परेशानी और खुजली की भी काफी परेशानी बढ़ जाती है। पीसीओएस और स्किन में जो ड्राइनेस होती है, यह सबसे अधिक जाड़े यानी ठंड के महीने में होती है, चूँकि इस वक़्त मौसम बहुत गड़बड़ रहता है और यह स्किन को ड्राई और खुजलीदार बना देता है।

 

1.हाइड्रेटिंग मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल

1.हाइड्रेटिंग मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल

पीसीओएस में ड्राई स्किन होना एक आम समस्या है, इसलिए बेहतर है कि आप एक अच्छा मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें, इसे हमेशा अपने साथ रखिये, ताकि इसके इस्तेमाल आप बार-बार कर पाएं। डॉ शाह सलाह देती हैं, "अपने चेहरे को एक अच्छे क्लींजर से धोएं, जिसमें नरिशिंग और मॉइश्चराइजिंग चीजें हों और आप कम से कम दिन में दो बार इसका इस्तेमाल करें। इसके बाद हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर लगाएं, ताकि ड्राइनेस कम हो सके". बॉडी लोशन का इस्तेमाल नहाने के बाद जरूर करें, ताकि मॉइस्चर आपकी स्किन में अच्छी तरह से जाये और स्किन को नरम, मुलायम और कोमल बनाए। अगर आपकी सेंसिटिव स्किन है तो ऐसे मॉइश्चर, जिसमें अधिक खुशबू हो या एसेंशियल ऑयल हो, उसे मत लगाइये, इससे आपकी स्किन में जलन की परेशानी बढ़ सकती है।

 

2. अपने शॉवर टेम्प्रेचर का तापमान घटाएं

2. अपने शॉवर टेम्प्रेचर का तापमान घटाएं

आपकी स्किन के लिए हर दिन गर्म पानी से नहाना सही नहीं है, क्योंकि यह आपकी स्किन से नेचुरल मॉइस्चर को छीन लेती है और फिर आपकी स्किन को बहुत ड्राई और पपड़ीदार बना देती है। इसके बाद आपकी स्किन पर खुजली की परेशानी शुरू हो जाती है। इसलिए जरूरी है कि स्नान करने के लिए पानी का तापमान कम रखें और गुनगुने पानी से ही स्नान करें। अगर आपको गर्म पानी से नहाना ही है, तो शॉवर की टाइमिंग दस मिनट कर दीजिये और फिर अपने शरीर में अच्छे से मॉइस्चर लगाना चाहिए।

 

3 . एक्ने पर ध्यान दीजिये

3 . एक्ने पर ध्यान दीजिये

अगर आपको लगता है कि आपकी स्किन ड्राई है और उसमें खुजली होती है तो आपको एक्ने की परेशानी नहीं होगी, तो आपका यह सोचना गलत है। अगर आपकी स्किन ड्राई है तो यह अधिक आयल प्रोड्यूस करेगी, जिसकी वजह से मॉइस्चर की कमी होगी और इसकी वजह से एक्ने की परेशानी होगी। इसलिए इस समस्या को सुलझाने का आसान तरीका है कि आप अपने चेहरे को साफ़ रखें, एक्सफोलिएट करें और हमेशा मॉइस्चर करती रहें। डॉ मृणाल के अनुसार, "अगर आपकी स्किन अधिक ऑयली है तो सैलिसिलिक बेस्ड क्लींजर आपके लिए अच्छा है। यह न केवल अतिरिक्त सीबम उत्पादन को रोकने में मदद करता है, बल्कि मुंहासों को भी खत्म करता है और भविष्य के ब्रेकआउट की उपस्थिति को रोकता है। “

 

4. इस तरह से पीसीओएस को मैनेज करें

4. इस तरह से पीसीओएस को मैनेज करें

पीसीओएस का कोई इलाज नहीं है, लेकिन यह बेहतर होगा कि आप अपने डॉक्टर के साथ एक प्लान बना लें, ताकि इसे मैनेज कर लें। दवाइयां लेने के अलावा एक अच्छी लाइफस्टाइल रखना, स्ट्रेस को मैनेज करना और सही तरीके से खाना खाना, हेल्दी डायट मेंटेन करना जरूरी है। इस तरह से लाइफ स्टाइल में छोटे बदलाव करने से हार्मोन बैलेंस होते हैं।

 

डॉ मृणाल के टिप्स पीसीओएस को मैनेज करने के लिए

डॉ मृणाल के टिप्स पीसीओएस को मैनेज करने के लिए

- अपने वजन को कम करने की कोशिश करनी चाहिए, यह आपके शरीर में एंड्रोजन या मेल हार्मोन को घटाने में मदद करता है, इससे आपके जो लक्षण है वह मैनेज करने में मदद करती है।

- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, शुगर, ऑयली फूड और प्रोसेस्ड फूड को नहीं खाना चाहिए।

- हर दिन कुछ फिजिकल एक्सरसाइज करना चाहिए।

- हरी साग सब्जियां खाना और हेल्दी डायट खाना जरूरी है।