देखन में छोटन लगे, घाव करे गंभीर, ये कहावत तो आपने सुनी होगी, अब एक बार इसी कहावत को थोड़ा बदल कर देखें कि देखन में छोटन लगे, मगर काम करे गंभीर, तो सच बात यह है कि हमारे किचन में ऐसी कई चीज़ें हैं, जिनके बारे में हमें ख़ुद भी पता नहीं होता है, हम अमूमन उसके उपयोग के बारे में या उसकी पौष्टिकता के बारे में नहीं जानते और उसे किचन के डिब्बे में ही रहने देते हैं। कलौंजी उर्फ़ मंगरेला हमारे किचन में रखी जाने वाली ऐसी ही छोटी-सी चीज़ है, जिसे हम अमूमन केवल छौंक लगाने के ही काम में लाते हैं। जबकि हमें इसका रोज़ाना सेवन करना चाहिए। काले रंग के दिखने वाला कलौंजी मसालों में ही गिना जाता है, लेकिन इसके और भी गुण हैं। तो आइये, विस्तार से जानते हैं कलौंजी के उपयोग से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण बातों के बारे में ।

 

क्या है कलौंजी

क्या है कलौंजी

कलौंजी एक तरह का बीज होता है, जो काले रंग का होता है। इसका पेड़ लगभग 12 इंच का होता है। मुख्य रूप से यह दक्षिण-पश्चिम एशिया में पाया जाता है और कई जगहों पर इसको काला बीज भी कहा जाता है तो बिहार के इलाकों में इसे मंगरेला भी कहा जाता है। भारत के अलावा बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी इसका सेवन किया जाता है। इसका उपयोग औषधि में भी किया जाता है। इसका सेवन हर दिन कम से कम दो ग्राम करना ही चाहिए। इसे आप सब्ज़ी मे, सलाद, आटे , पुलाव और अन्य कई खाद्य पदार्थ में कर सकते हैं। भारत में अचार बनाने में इसका ख़ूब उपयोग होता है।

कलौंजी की ख़ास बात यह है कि इसमें आयरन, सोडियम, पोटाशियम, फाइबर और कई सारे मिनरल्स मिलते हैं। इसमें अमिनो एसिड भी रहता है। साथ ही यह शरीर को ज़रूरी प्रोटीन भी देता है। इसका तेल भी बनता है और यह बीज के रूप में भी इस्तेमाल होता है। यह एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सीडेंट भी माना जाता है।

 

कलौंजी का सेवन क्यों है सेहतमंद, जानें इसके अनेक फ़ायदे

कलौंजी का सेवन क्यों है सेहतमंद, जानें इसके अनेक फ़ायदे

कलौंजी के अनेक फ़ायदे होते हैं। यह सिर्फ़ खाने में तड़का या छौंके के लिए नहीं, बल्कि अन्य पौष्टिक गुणों से भी उपयुक्त होता है।

1. कलौंजी के बीज बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं की सेहत के लिए भी अच्छा होता है। इससे स्मरण शक्ति बढ़ती है और काम में फोकस करने में आसानी होती है। कलौंजी के साथ, थोड़ा शहद मिला कर खाने से काफ़ी फ़ायदा होता है, अगर इसे गर्म पानी में पिया जाए, तो यह और लाभदायक होता है।

2. अस्थमा और खांसी जैसी बीमारी होने पर अगर कलौंजी का सेवन, लगातार दो महीने तक किया जाये, तब भी काफी लाभ पहुंचता है।

3. यह हैरानी की बात है, लेकिन सच है कि कलौंजी का सेवन हृदय रोगों से मुक्ति दिलाता है। आयुर्वेद के अनुसार अगर कलौंजी का सेवन गाय के दूध या बकरी के दूध के साथ करें, तो एक हफ़्ते में ही काफी आराम मिलता है।

4. कलौंजी में ऐसे कई तत्व होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं। माना जाता है कि अगर लगातार तीन महीने तक, हर दिन दो से तीन ग्राम तक इसका सेवन किया जाए, तो गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ते में मदद मिलती है।

डायबिटीज़ को कंट्रोल करने के लिए कलौंजी का तेल काफी प्रभावशाली

5. जो लोग अपना वज़न कम करना चाहते हैं, उन्हें भी एक्सपर्ट्स कलौंजी का सेवन करने की राय देते हैं। दरअसल, इसमें एंटी-ओबेसिटी वाले गुण होते हैं, जिससे वज़न घटने में काफी आसानी होती है। इसके तेल का इस्तेमाल वज़न घटाने वाले मसाज में किया जाता है।

6. ऐसा भी माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति कैंसर से पीड़ित है तो उसमें भी कलौंजी का सेवन करना चाहिए। लेकिन डॉक्टर से सलाह लेकर। ज़ाहिर-सी बात है कि कैंसर को यह जड़ से नहीं मिटा सकता, लेकिन एंटी ऑक्सीडेंट होने के कारण यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स की समस्या को कम कर देता है।

7. कलौंजी की ख़ासियत यह भी है कि इसे डायबिटीज़ के रोगी भी खा सकते हैं। डायबिटीज़ को कंट्रोल करने के लिए कलौंजी का तेल काफी प्रभावशाली होता है। ऐसे में इसका सेवन ब्लैक टी में करना चाहिए।

कलौंजी का सेवन ब्लड-प्रेशर कंट्रोल करने के लिए

8. कलौंजी का सेवन ब्लड-प्रेशर कंट्रोल करने के लिए भी करना चाहिए। यहीं नहीं किडनी के लिए भी यह अच्छा होता है। इस समस्या से जूझ रहे लोगों को कलौंजी तेल के साथ शहद, और गर्म पानी पीने की सलाह दी जाती है।

9. महिलाओं के लिए कलौंजी एक बेहतरीन चीज़ है। प्रसव के बाद उन्हें खीरे के रस के साथ, इसे लेने की सलाह दी जाती है। इससे कमज़ोरी खत्म होती है। यहीं नहीं अगर महिलाओं में सफ़ेद पानी, पीरियड में दर्द या पीएमएस जैसी प्रॉब्लम है, तब भी कलौंजी के पानी का सेवन करने से आराम मिलता है।

10. कलौंजी के सेवन से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है। खासतौर से अगर आंखों से पानी आने या फिर आंखों के बार-बार लाल हो जाने की समस्या आती है, तो इसका सेवन करना चाहिए। यह मोतियाबिंद जैसी परेशानी को दूर करने में सहायक होता है।

दांतों के मसूड़ों में सूजन इन समस्याओं के लिए कलौंजी

11. दांतों के मसूड़ों में सूजन होने पर भी अगर इसके तेल का सेवन किया जाए तो अच्छा रहता है। इससे दांत भी मज़बूत हो जाते हैं।

12. कई लोगों को बार-बार उल्टी आने की प्रॉब्लम रहती है, ऐसे में कलौंजी इन समस्याओं को भी रोकने का काम करता है।

 

ख़ूबसूरती से जुड़े हैं, कलौंजी के बेहतरीन फ़ायदे

ख़ूबसूरती से जुड़े हैं, कलौंजी के बेहतरीन फ़ायदे

  • अगर आप मुंहासे या पिग्मेंटेशन जैसी परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो आपको कलौंजी के सेवन से फ़ायदा मिलेगा। कलौंजी में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं और यह एंटी-इंफ्लेमेटरी भी होता है। इसके लिए 2 चम्मच नींबू के रस में कलौंजी का तेल मिलाकर सुबह- शाम लगाएं। इससे चेहरे के दाग-धब्बे भी ख़त्म हो जाते हैं।
  • अगर आप फ़टी एड़ियों से परेशान हैं, तो फ़टी एड़ियों पर कलौंजी का तेल लगाया जाना चाहिए।
  • कलौंजी ऑयली स्किन के साथ-साथ, ड्राई स्किन के लिए भी काफी अच्छी होती है। इसके लिए एक चम्मच कलौंजी पाउडर, एक चम्मच ओट्स, आधा चम्मच शहद, आधा चम्मच बादाम तेल और दूध की क्रीम मिला कर एक मास्क तैयार कर लें और फिर उसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं।
  • कलौंजी चेहरे की टैनिंग हटाने में भी सहायक होता है, इसके लिए दो चम्मच कलौंजी पाउडर, संतरे का रस, पांच बूंद लेमन ऑयल मिलाएं और फिर उसे चेहरे पर लगा कर दस मिनट तक रहने दें, फिर चेहरा धोएं, चेहरा निखर जायेगा।
 

बालों के लिए कलौंजी

बालों के लिए कलौंजी

  • कलौंजी के तेल को बालों के लिए भी लाभदायक माना गया है। माना गया है कि बालों को झड़ने से रोकने के लिए इसके तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। कलौंजी में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो बालों को झड़ने से बचाते हैं और उन्हें मज़बूती देते हैं। इसलिए इसके तेल से रोज़ाना स्कैल्प पर मालिश करनी चाहिए और कलौंजी का पेस्ट बालों में लगाना चाहिए।
  • कलौंजी के इस्तेमाल से बाल घने होते हैं। लंबे बाल करने के लिए भी इसका तेल हफ्ते में एक बार लगाना ही चाहिए। इस तेल में आप चाहें तो कपूर भी मिला कर लगा सकती हैं।
  • कलौंजी बालों की कंडीशनिंग के लिए भी बहुत अच्छा होता है। यह सिर में नमी बनाये रखता है। इसलिए, जिनके बाल रुखे होते हैं, उन्हें इसके तेल को लगाने की राय दी जाती है।
  • कलौंजी स्कैल्प के लिए भी अच्छा होता है। यह स्कैल्प को गंदा होने से बचाता है। रूसी की समस्या को भी दूर करता है। आप चाहें तो घर पर ही इसके तेल बना सकती हैं। इसके लिए कलौंजी और मेथी के दानों को पीस कर पाउडर बना लें। फिर उसमें नारियल तेल, अरंडी तेल डाल कर मिक्स करें, फिर उसे सूरज की रोशनी में रखें। दो-तीन हफ़्तों तक ऐसा करें, इसके बाद बालों में लगाएं।
 

कलौंजी से होने वाले नुकसान

कलौंजी से होने वाले नुकसान

यह सच है कि कलौंजी में स्वास्थ्य का खज़ाना होता है। लेकिन इसके कुछ नुकसान भी होते हैं, उन्हें भी जान लेना जरूरी है।

1. एक्सपर्ट की राय होती है कि गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि अब तक इसके प्रमाण नहीं मिले हैं कि यह किस हद तक सुरक्षित है। इसलिए डॉक्टर से सलाह लेने पर ही इसका सेवन करें।

2. यह भी देखा गया है कि कलौंजी में थाइमोक्विनोन पाए जाते हैं और इसकी मात्रा बढ़ जाने से कई बार ब्लड क्लॉट हो जाता है। ऐसे में कलौंजी का सेवन नहीं किया जाना चाहिए।

3. अगर कोई व्यक्ति पित्त से परेशान है या फिर वह बहुत गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है, तब भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा पेट में बहुत जलन हो तब भी इसका सेवन न करें।

4 . जिन महिलाओं को पीरियड देर से आने की प्रॉब्लम है, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए या फिर उन महिलाओं को भी नहीं, जिन्हें अधिक पीरियड होते हैं।