चाहे आप स्किनकेयर रूटीन का कितने ही अच्छे से पालन क्यों न कर रही हों चेहरे के कुछ हिस्सों को नज़रअंदाज़ कर ही जाती होंगी और ऐसे ही हिस्सों में से एक है नाक की त्वचा. यदि आपकी त्वचा तैलीय और मुहांसों के लिए संवेदनशील है तो आपने ध्यान दिया होगा कि आपकी नाक का टेक्स्चर खुरदुरा और असमान होता है. इसकी बहुत सारी वजहें हो सकती हैं, जैसे- ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स और बहुत अधिक सीबम का उत्पादन.

तो अब समय आ गया है कि आप अपनी नाक पर ध्यान दें और हमारे बताए हुए ये चार टिप्स अपनाएं, ताकि आपके नाक के हिस्से की त्वचा मक्खन की तरह चिकनी नज़र आए.

 

#01: चिकनी त्वचा के लिए एक्स्फ़ॉलिएट करें

#01: चिकनी त्वचा के लिए एक्स्फ़ॉलिएट करें

एक्स्फ़ॉलिएशन की शक्ति को कम कर के न आंकें. हां, ज़रूरत से ज़्यादा एक्स्फ़ॉलिएट करने से आपकी त्वचा में जलन हो सकती है अत: सप्ताह में दो या तीन बार ही एक्स्फ़ॉलिएट करें. स्क्रबिंग से त्वचा पर जमी मृत कोशिकाएं हट जाएंगी और आपको चिकनी त्वचा मिलेगी.

यह ध्यान रखें कि आपको कठोरता से स्क्रब नहीं करना है. अपनी उंगलियों से सौम्यता से नाक के ब्रिज व दोनों ओर स्कब करें, ताकि ये जगहें अच्छी तरह साफ़ हो जाएं. आप चाहें तो अपनी त्वचा को सेंट ईव्स रैडिअंट स्किन पिंक लेमन ऐंड मैंडरिन ऑरेंज स्क्रब का इस्तेमाल कर सकती हैं. यह त्वचा के रूखेपन और पपड़ीदार त्वचा को दूर करता है.

 

#02: चेहरे को भाप दें

#02: चेहरे को भाप दें

क्या आपको पता है कि चिकनी त्वचा और ख़ासतौर पर नाक के आसपास की चिकनी त्वचा की राह में रोड़े कौन अटकाता है? ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स. ये दोनों तो जैसे त्वचा के जानी दुश्मन हैं.

 जब डेड स्किन सेल्स और ज़्यादा बनने वाला सीबम त्वचा के फ़ॉलिकल्स में अटक जाते हैं तो  ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स बनते हैं. पलूशन, धूल और गंदगी चेहरे पर इकट्ठा होती है तो रोमछिद्रों में जाकर उन्हें बंद कर देती है औरआपकी त्वचा के टेक्स्चर को ख़राब कर देती है.

ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स को हटाना आसान तो नहीं है, लेकिन यहां जो टिप हम दे रहे हैं, उससे आपकी नाक को चिकना बनाने में ज़रूर मदद मिलेगी और टिप है-भाप देना यानी स्टीमिंग!

आप किसी पैन या स्टीमर में रखे गर्म पानी से अपने चेहरे पर भाप दें. स्टीमिंग से चेहर पर गहरे जमी गंदगी को निकालने में मदद मिलती है. भाप लेने के तुरंत बाद नोज़ पील्स का इस्तेमाल करते हुए नाक की त्वचा के आसपास के ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स को हटा दें. नोज़ पील्स के इस्तेमाल का सही समय तब होता है, जब आपके नाक के आसपास की त्वचा नर्म-मुलायम हो और यहां के रोमछिद्र यानी पोर्स खुले हुए हों.

 

#03: फ़ेशियल ऑइल्स का इस्तेमाल करें

#03: फ़ेशियल ऑइल्स का इस्तेमाल करें

यदि आपकी त्वचा ऑइली है तो आपके नाक के आसपास का हिस्सा तैलीय रहता होगा. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि आपकी नाक के आसपास के पोर्स चेहरे के बाक़ी हिस्से के पोर्स से बड़े होते हैं. जब ये पोर्स बड़े होते हैं या बंद हो जाते हैं तो मुहांसे जैसी समस्याएं होती हैं. और मुहांसों की वजह से त्वचा का टेक्स्चर और ख़राब हो जाता है.

तो आप यही पूछना चाहती हैं न कि इस समस्या का बेहतरीन समाधान क्या है? हालांकि आपको यह जानकर आश्चर्य होगा, लेकिन अपने स्किनकेयर रूटीन में फ़ेशियल ऑइल्स को शामिल करने से सीबम का उत्पादन नियमित और नियंत्रित हो जाता है और आपकी त्वचा का पीएच स्तर भी संतुलित होता है, जिससे ऑइली त्वचा से जुड़ी समस्याओं और ख़ासतौर पर मुहांसों की समस्या में राहत मिलती है.

 

#04: स्किनकेयर रूटीन में विटामिन C सीरम को शामिल करें

#04: स्किनकेयर रूटीन में विटामिन C सीरम को शामिल करें

केमिकल्स की जगह विटामिन C को अपने स्किनकेयर रूटीन में शामिल करने से आपको त्वचा की सेहत में आश्चर्यजनक बदलाव महसूस होंगे. ये फ़ायदे आपको इसे रोज़ाना इस्तेमाल करने पर मजबूर कर देंगे.

रात को चेहरे को साफ़ करने के बाद और सोने जाने से पहले विटामिन C सीरम लगाएं. आप अगली सुबह चिकनी त्वचा के साथ उठेंगी. यह शक्तिशाली ऐंटीऑक्सिडेंट न सिर्फ़ मुहांसों और बढ़ती उम्र के निशानों को चेहरे से हटाता है, बल्कि त्वचा और ख़ासतौर पर नाक के आसपास की त्वचा के टेक्स्चर को भी सुधार देता है.