एक्सपर्ट के अनुसार हर दिन 100 बालों को टूटना या गिरना बहुत आम बात है। क्योंकि वे बाल हर दो तीन महीने में वापस आ जाते है। लेकिन अगर आप अचानक यह महसूस करें कि बहुत अधिक बाल गिरने लगे हो या बालों में गंजापन नजर आए तो फिर आपको अलर्ट होने की बेहद जरूरत है, क्योंकि यह तनाव के कारण होता है।

यह जानने के लिए कि तनाव बाल गिरने का कारण क्यों बनता है, हमने डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ निकिता सोनावने(@drniketaofficial), अंब्रोसिया एस्थेटिक से बातचीत की, उन्होंने हमें इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी

stress induced hair loss

बीबी: क्या तनाव से बाल गिरते या झड़ते हैं?

डॉ निकिता: हां, बिल्कुल, तनाव के कारण बालों का गिरना या झड़ना स्वाभाविक है। शारीरिक, मानसिक और इमोशनल हर तरीके के तनाव की वजह से हेयर लॉस होता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति टाइफाइड, मलेरिया या कोई बीमारी हुई है तो इसकी वजह से हेयर लॉस होता ही है।

बीबी : तनाव के कारण कितनी जल्दी बाल गिरना या झड़ना शुरू हो जाता है?

डॉ निकिता: ऐसा नहीं है कि तनाव की वजह से होने वाला हेयर लॉस तुरंत शुरू हो जाता है। हेयर लॉस की शुरुआत कम से कम तनाव से जुड़ी परेशानी होने पर दो या तीन महीने के बाद शुरू हो जाती है। इसकी वजह हमारे हेयर ग्रोथ सायकल में पाई जाती है, जो कि अनाजेन, केटेजन और तेलोजन होता है। अनाजेन ग्रोथ फेज में होता है। स्कैल्प पर जो 90 प्रतिशत बाल है, वह अनाजेन फेज में होता है और तेलोजन फेज में 10 प्रतिशत बाल होते हैं, जो कि आराम वाले फेज में होता है। चार महीने के आरामदायक महीने के बाद, यह गिरने शुरू होते हैं और फिर नए बाल उगने शुरू हो जाते हैं। तीस से चालीस प्रतिशत बाल तनाव के कारण होता है और वे तेलो जन फेज में जाते हैं, जहां वे दो तीन महीने उसमें आराम करते हैं। फिर इसके अंतिम फेज में, तेलोजन फेज में जो पूरे बाल रहते हैं और उस वक्त अगर तनाव की स्थिति रहती है, तो बाल गिरने शुरू हो जाते हैं। फिर लगभग छह महीनों तक यह सिलसिला चलता है और इस दौरान एक व्यक्ति अपने आधे बाल खो देता है। तनाव के कारण होने वाले हेयर फॉल को तेलो जन इफलुवियम कहते हैं।

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बीबी: यह कैसे पता चलेगा कि मेरे बाल तनाव के कारण ही गिर या झड़ रहे हैं?

डॉ निकिता: यह पता लगाने के लिए व्यक्ति की हिस्ट्री को ध्यान में रखना पड़ता है। साथ ही कुछ टेस्ट भी कराए जाते हैं। इसके अलावा, आपकी जिंदगी में अगर तनाव से जुड़ा कोई हादसा या घटना हुई हो, इसकी वजह से अगर दो से तीन महीने बाद बाल गिरने शुरू हो जाते हैं। तो समझ आ जाना चाहिए कि इस कारण से ही बाल गिर रहे हैं

बीबी : बालों का किस हद तक गिरना या झड़ना कितना सामान्य है?

डॉ निकिता: 50 से100 बालों का गिरना सामान्य बात है। लेकिन आपको इसके साथ ही बालों के गिरने का ध्यान रखना होगा। यह भी देखना होगा कि जड़ से नए बाल आ रहे हैं या नहीं, क्योंकि हो सकता है कि एक व्यक्ति के बाल गिर रहे हों या उनके बाल पतले हो रहे हों।

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बीबी : तनाव से संबंधित बालों के झड़ने के विभिन्न प्रकार क्या हैं?

डॉ निकिता : सबसे कॉमन टाइप तेलोजन इफलूवियम है, जिसके बारे में हमने ऊपर बताया है।

दूसरा टाइप है एलोपेसिया एरिएटा। इसमें एक व्यक्ति के सिक्के के आकार के पैच बालों में नजर आते हैं और जिसकी वजह से इस जगह पर इंसान गंजा नजर आता है। ट्रिचोटिलोमानिया तीसरा टाइप है। यह पूरी तरह से साइकोलॉजिकल तनाव के कारण होता है, जिसमें इंसान बहुत अधिक तनाव में रहता है और जहां व्यक्ति इतना तनाव में रहता है कि वे अपने बालों को अपनी उंगलियों के बीच घुमाता है और इसे बाहर निकालता हैं। और वह यह महसूस नहीं कर पाते हैं कि वह ऐसा कर रहे हैं।

बीबी: तनाव की वजह से अगर बाल झड़ रहे हों या गिर रहे हों तो उसका इलाज कैसे किया जा सकता है?

डॉ निकिता: जो बाल टेलोजन सायकल में चले जाते हैं, उन्हें ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने, पौष्टिक आहार लेने- जिसमें प्रोटीन, मिनरल्स रहे, एक्सरसाइज करने और अपने बालों का खयाल रखें तो आगे चलकर बाल गिरने और झड़ने की परेशानी से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा कभी भी कड़क चंपी ना लें। कॉटन बॉल से जड़ में तेल लगाएं। केमिकल हेयर ट्रीटमेंट्स से दूर रहें, यह बालों को डैमेज करते हैं और बालों के टूटने का कारण बनते हैं।