हम जब-तब आपको इस बारे में बताते रहते हैं कि आपको सनस्क्रीन का इस्तेमाल वर्षभर क्यों करते रहना चाहिए. मौसम चाहे गर्मियों का हो सर्दी का हो या फिर बारिश का... सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी है. हमारी बात मान कर जब आप सनस्क्रीन ख़रीदने बाज़ार जाती भी हैं, पर क्या आप सनस्क्रीन की बॉटल या ट्यूब पर लिखी हर टर्म को समझ पाती हैं?

हमें पता है कि यह सवाल ज़रा कठिन है, क्योंकि सनस्क्रीन पर लिखी हर छोटी-बड़ी टर्म का अर्थ पता रखना आसान नहीं है. लेकिन यहां हम आपको सनस्क्रीन ट्यूब पर लिखी कुछ ऐसी टर्म्स के बारे में बता रहे हैं, जिनके बारे में जान कर आप सनस्क्रीन को बेहतर तरीक़े से समझ सकेंगी.

ब्रॉड स्पेक्ट्रम
 

ब्रॉड स्पेक्ट्रम

यदि आपके सनस्क्रीन पर यह टर्म लिखी है तो जान लीजिए कि इसका अर्थ यह है कि यह सनस्क्रीन आपको सूरज की यूवीए और यूवीबी दोनों ही किरणों से सुरक्षा प्रदान करेगी. यदि आपको इस बारे में जानना है कि आपको दोनों तरह की यूवी किरणों से बचाव की ज़रूरत क्यों है तो आपको बता दें कि यूवीबी किरणें सनबर्न के लिए ज़िम्मेदार होती हैं, जबकि यूवीए किरणें आपकी त्वचा को भीतरी स्तर पर जा कर नुक़सान पहुंचाती हैं, जिससे कोलैजन ब्रेकडाउन होता है.

ऑइल-फ्री
 

ऑइल-फ्री

इसका सीधा-सा मतलब यह है कि इस प्रोडक्ट में तेल यानी ऑइल का इस्तेमाल नहीं किया गया है, लेकिन इसमें दूसरे पर्त बनाने वाले इन्ग्रीडिएंट, जैसे- सिलिकॉन आदि का इस्तेमाल किया जाता है. आप इन्ग्रीडिएंट्स की सूची में इन्हें ‘-one’ या ‘-ane’ से ख़त्म होने वाले शब्द के रूप में पहचान सकती हैं. और ये अधिकतर वॉटरप्रूफ़ होते हैं. यहां आपको एक बात और बता दें कि यदि आपकी त्वचा संवेदनशील यानी सेंसिटिव है तो आपको सिलिकॉन बेस्ड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

नॉन-कमीडोजेनिक
 

नॉन-कमीडोजेनिक

इस टर्म का अर्थ है कि यह सनस्क्रीन कमीडोजेन्स (मुहांसे) नहीं होने देगी. यदि आपकी त्वचा मुहांसों के लिए संवेदनशील है तो आपका यह जानना भी ज़रूरी है कि उस सटीक इन्ग्रीडिएंट की पहचान नहीं हो सकी है, जो मुहांसों के लिए ज़िम्मेदार है, लेकिन हम आपको सलाह देंगे कि आप भारी यानी हैवी इन्ग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल न करें, जैसे- नारियल का तेल, शीया और कोको बटर आदि. आप ड्राइंग इन्ग्रीडिएंट्स का चुनाव करें, जैसे- सैलिसिलिक ऐसिड, ज़िंक ऑक्साइड आदि, जो आपके मुहांसों को सुखाने का काम करेंगे.

एसपीएफ़
 

एसपीएफ़

सनस्क्रीन के मामले में यह सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाने वाली टर्म है, पर क्या आपको इसका अर्थ पता है? एसपीएफ़, सन प्रोटेक्शन फ़ैक्टर का संक्षिप्त रूप यानी शॉर्ट फ़ॉर्म है, जो यह बताता है कि सनस्क्रीन यूवीबी किरणों के प्रति कितना प्रभावी है. लेकिन यह टर्म यूवीए किरणों से आपकी त्वचा के बचाव के बारे में कुछ नहीं बताती. यही वजह है कि हम आपको हमेशा ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन के इस्तेमाल का सुझाव देते हैं. हमारी सलाह के मुताबिक़ भारतीय स्किन टोन के लिए एसपीएफ़ 15 वाला सनस्क्रीन अच्छा रहता है, लेकिन ध्यान रखें कि आपको हर दो से तीन घंटे के बाद इसे दोबारा लगाना होगा.

वॉटरप्रूफ़
 

वॉटरप्रूफ़

वॉटरप्रूफ़ का मतलब है कि इस सनस्क्रीन को लगा कर आप स्विमिंग पूल में जाती हैं या फिर आपको बहुत ज़्यादा पसीना आता हो और आपको अपनी त्वचा को कुछ एक बार थपथपा कर पोंछने की ज़रूरत पड़ती हो तब भी सनस्क्रीन आपके चेहरे पर मौजूद रहेगा. यह याद रखिए कि सूरज की किरणें पानी में तीन फ़ीट नीचे तक भी पहुंचती हैं अत: जब आप स्विमिंग पूल में हों तब भी सनस्क्रीन लगाना ज़रूरी है.

फ़ोटो: पिन्टरेस्ट