सनस्क्रीन हम सबके स्किन केयर रूटीन का एक अहम हिंसा है। फिर चाहे आप घर से बाहर जाएं या न जाएं या फिर मौसम कोई भी हो, गर्मी, सर्दी या बरसात, यानी आपके लिए सनस्क्रीन लगाना हर हाल में जरूरी है। आपकी स्किन को सूर्य की रौशनी से सही तरीके से प्रोटेक्शन के ज़रूरत होती है, इसलिए सही सनस्क्रीन का चयन करना बेहद जरूरी है। सनस्क्रीन में क्या तत्व होते हैं और इसके कितने एसपीएफ होते हैं। इन सबके बारे में आपको आज हम बताएंगे, ताकि आप सही सनस्क्रीन का चयन कर सकें। हमारा विश्वास कीजिये, हमारे प्रोडक्ट्स आपको निराश नहीं करेंगे।

 

1. मैन्युफेक्चर की तारीख ध्यान से देखें

1. मैन्युफेक्चर की तारीख ध्यान से देखें

जाहिर है कि आप कोई भी एक्सपाइरी चीजें या प्रोडक्ट नहीं खरीदती होंगी। लेकिन यह जरूरी है कि सनस्क्रीन हमेशा फ्रेश स्टॉक से ही खरीदी जाए। आपको यह जान कर हैरानी होगी, लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे कि सनस्क्रीन जब शेल्फ में ही पड़ी रह जाती है, तो खराब हो जाती है। इसमें कुछ ऐसे तत्व भी होते हैं, जो आसानी से ब्रेक डाउन होते हैं, इसलिए बेहद जरूरी है कि फ्रेश स्टॉक ही खरीदा जाए। साथ ही इस बात का भी ख़याल रखें कि सनस्क्रीन की दूसरी ट्यूब या बॉटल की शुरुआत करने से पहले, पहले वाले ट्यूब को पूरी तरह इस्तेमाल कर लें, ताकि आपको बेवजह एक्सपाइरी वाले प्रोडक्ट्स को स्टॉक न करना पड़े।

 

2. एसपीएफ 30 वाली सनस्क्रीन खरीदें

2. एसपीएफ 30 वाली सनस्क्रीन खरीदें

 

सूर्य की हानिकारक यूवीए किरणें आपके चेहरे पर टैनिंग और प्री मैच्योर एजिंग का कारण बनती है, वहीं यूवीबी रेज़ की वजह से स्किन कैंसर का खतरा होता है।

सनस्क्रीन पर लिखा एसपीएफ (SPF) नंबर आपको यह बताता है कि आपको यह सूर्य की अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से किस हद तक बचाएगा।

यदि आपने सनस्क्रीन नहीं लगाया है, तो सूर्य के संपर्क में आने से  स्किन को तुरंत हानि पहुँचने का पूरा डर है, वहीं यदि आपने एसपीएफ 30 लगाया है तो आपकी त्वचा को जलने में 30 गुना अधिक समय लगेगा। एसपीएफ 30, यूवीबी किरणों को केवल 3 प्रतिशत तक ही आपकी स्किन तक पहुंचने देता है, वहीं एसपीएफ 50 केवल 2 प्रतिशत तक ही यूवीबी को आपकी स्किन तक पहुंचने देता है।

इसलिए बेहतर होगा कि जब भी कोई सनस्क्रीन खरीदना हो, तो आप ऐसा सनस्क्रीन लें, जिसमें अधिक एसपीएफ हो जैसे Ponds Sun Protect Non-Oily Sunscreen SPF 50. आपके लिए बेस्ट होंगे।

 

3.सनस्क्रीन स्प्रे का इस्तेमाल न करें

3.सनस्क्रीन स्प्रे का इस्तेमाल न करें

सनस्क्रीन आजकल जेल, क्रीम और लोशन के रूप में आते हैं। ये सभी आपकी स्किन के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि सनस्क्रीन स्प्रे का इस्तेमाल भूल कर भी न करें। सनस्क्रीन स्प्रे प्रोडक्ट की बर्बादी है। साथ ही यह मिस्ट के रूप में आपकी स्किन तक पहुँचते हैं तो आपके लिए यह अनुमान लगा पाना मुश्किल हो जाता है कि सनस्क्रीन सही तरीके और सही मात्रा में स्किन तक पहुंच भी पाई है या नहीं। इसलिए, आप ऐसा कर सकती हैं कि बीच हॉलीडे पर आप सनस्क्रीन स्प्रे का इस्तेमाल करें। बीच पर जाने से पहले अच्छी तरह से सनस्क्रीन लोशन या क्रीम लगा लें, फिर बीच पर पहुंचने के बाद सनस्क्रीन स्प्रे की एक और लेयर दे दें।

 

4 . टायटेनियम डाई ऑक्साइड या जिंक ऑक्साइड की मात्रा को जरूर देख लें

4 . टायटेनियम डाई ऑक्साइड या जिंक ऑक्साइड की मात्रा को जरूर देख लें

टायटेनियम डाई ऑक्साइड या जिंक ऑक्साइड सनस्क्रीन में इनऑर्गेनिक फिजिकल सन ब्लॉकर्स के रूप में इंफ्यूज किये जाते हैं। हालांकि प्रोडक्ट ये तत्व यूवी प्रोटेक्शन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और यह स्किन के लिए हानिकारक भी होते हैं। अगर आपने कभी गौर किया होगा कि सनस्क्रीन लगाने के बाद आपका चेहरा थोड़ा पीला या थोड़ा अजीब सा या डरवाना दिखने लगा है, तो यह प्रोडक्ट में मौजूद जिंक ऑक्साइड के कारण होता है। इसलिए सनस्क्रीन की पैकेजिंग पर जरूर गौर करें और इसके बाद ही इसे खरीदने के बारे में सोचें।

 

5 . अगर आपकी स्किन ऑयली है तो वॉटर बेस्ड सनस्क्रीन आपके लिए परफेक्ट है

5 . अगर आपकी स्किन ऑयली है तो वॉटर बेस्ड सनस्क्रीन आपके लिए परफेक्ट है

चूंकि आपकी स्किन ऑयली है तो सिर्फ इस वजह से आप सनस्क्रीन लगाना तो नहीं छोड़ सकती हैं, बल्कि आपको यह जानने की जरूरत है कि आपकी स्किन टाइप के लिए बेस्ट फार्मूला क्या होगा। बेहतर होगा कि ऑयल बेस्ड सनस्क्रीन की जगह आप वॉटर बेस्ड सनस्क्रीन इस्तेमाल करें। वॉटर बेस्ड सनस्क्रीन लाइटवेट होता है और यह आपकी स्किन में ब्रेक आउट नहीं होने देता है। साथ ही आपकी स्किन पर यह हल्का ही लगेगा।