हमें पता है कि महीने में कम से कम एक बार आप सलून का रुख़ करते समय ‘आह, ऊह, आउच!’ जैसी आवाज़ें निकालती ही होंगी. हां, हम वैक्सिंग कराने की प्रक्रिया की ही बात कर रहे हैं. यूं तो वैक्सिंग दर्दनाक प्रक्रिया है, लेकिन बहुत असरदार भी तो है. शरीर के अनचाहे बालों को जड़ों से उखाड़ देने के बाद आपकी त्वचा कितनी मुलायम और चिकनी नज़र आती है, है ना? चाहे आप वैक्सिंग लंबे समय से करा रही हों या फिर आपने अभी-अभी इसे शुरू किया हो, यह जान लें कि इस प्रक्रिया के साइड इफ़ेक्ट्स कुछ ऐसे होते हैं:

 

त्वचा का लचीलापन ख़त्म होता है

त्वचा का लचीलापन ख़त्म होता है

वैक्सिंग कराते वक़्त त्वचा झटके से खिंचती है, इस खिंचाव की वजह से धीरे-धीरे कुछ समय के बाद त्वचा का लचीलापन (इलैस्टिसिटी) कम होता जाता है.

 

त्वचा लाल या सूजी हुई नज़र आ सकती है

त्वचा लाल या सूजी हुई नज़र आ सकती है

वैक्सिंग कराने से आपकी त्वचा लाल और सूजी हुई नज़र आ सकती है. ख़ासतौर पर तब, जबकि आप किसी संवेदनशील हिस्से पर वैक्स करा रही हों. वैक्सिंग कराने जाएं तो ढीले-ढाले, आरामदेह सूती यानी कॉटन के कपड़े पहनें और वैक्सिंग कराने के बाद 24 घंटे तक गर्म पानी से स्नान करने से बचें. यदि आपको बाहर धूप में जाना पड़े तो वैक्स किए गए हिस्सों को ढंक कर ही रखें.

 

त्वचा की रंगत गहरी हो सकती है

त्वचा की रंगत गहरी हो सकती है

वैक्सिंग कराने के बाद आपकी तवचा पर पोस्ट-इन्फ़्लैमटॉरी पिग्मेंटेशन हो सकता है, जिसकी वजह से आपकी त्वचा की रंगत गहरी नज़र आ सकती है. इसका मतलब ये है कि त्वचा पर गर्म वैक्स लगाने और इसके बाद उसे खींचने की वजह से आपकी त्वचा प्रतिक्रिया के रूप में पिग्मेंट का उत्पादन करती है और काले धब्बे नज़र आ सकते हैं. हां, आप इस समस्या के प्रभाव को ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर कम कर सकती हैं, जिनमें आपकी त्वचा की मरम्मत करने और उसका ख़्याल रखने के गुण हों. रेक्सोना वाइटनिंग रोल-ऑन/ Rexona Whitening Roll-On में ग्लिसरीन, विटामिन B3 और सूरजमुखी के बीज का तेल यानी सनफ़्लावर सीड्स ऑइल होता है, जो त्वचा की रंगत को हल्का करता है. आप इसका इस्तेमाल कर सकती हैं.

 

इनग्रोन हेयर बढ़ सकते हैं

इनग्रोन हेयर बढ़ सकते हैं

कई बार वैक्सिंग कराने के बाद हो सकता है आपको अपनी त्वचा पर बहुत सारे इनग्रोन हेयर दिखाई दें, जिनकी वजह से आपकी त्वचा खुरदुरी और अजीब नज़र आए. इनग्रोन हेयर्स को त्वचा को एक्स्फ़ॉलिएट कर के हटाया जा सकता है. एक्स्फ़ॉलिएट करने से इनग्रोन हेयर्स बाहर आ जाते हैं और बढ़ने लगते हैं. जब ये काफ़ी बढ़ जाएं, केवल तभी इन्हें वैक्सिंग के ज़रिए निकलवा लें.

 

कभी-कभी इन्फ़ेक्शन भी हो सकता है

कभी-कभी इन्फ़ेक्शन भी हो सकता है

वैक्सिंग करने से त्वचा के रोमछिद्र यानी पोर्स खुल जाते हैं. अत: यदि आप वैक्सिंग के बाद त्वचा की सही तरीके से देखभाल नहीं करतीं तो इससे आपकी त्वचा में इन्फ़ेक्शन भी हो सकता है. इससे बचने के लिए वैक्सिंग के बाद त्वचा पर ऐसे लोशन लगाएं, जो वैक्सिंग के बाद लगाने के लिए ही ख़ासतौर पर बनाए गए हों और साथ ही अपनी त्वचा को ढंक कर रखें.