रिव्यूड- डॉक्टर निकेता सोनावने द्वारा स्किनकेयर रूटीन बनाने के लिए ज़रूरी है कि आपको स्किन केयर प्रोडक्ट के बारे में भी जानकारी हो, ताकि उसे स्किन पर ट्राय करके आप ये जान सकें कि आपकी स्किन प्रॉबलम के अनुसार कौनसा प्रोडक्ट आपके लिए ठीक रहेगा। नया प्रोडक्ट ट्राय करना एक्साइटिंग होता है, लेकिन ज़रूरी नहीं कि वह स्किन को भी पसंद आए और ऐसे में स्किन पर्जिंग हो जाता है। जी हाँ, जब आप कोई नया स्किन केयर प्रोडक्ट फ़ेस पर ट्राय करते हैं ये सोचकर कि इससे आपकी स्किन पर ग्लो आ जाएगा और उल्टा नज़र आते हैं एक्ने, तो इसे कहते हैं स्किन पर्जिंग। वैसे हम आपको बता दें कि स्किन पर्जिंग अच्छी बात है। एक तो यह टेम्प्रेरी है और इसका साइड इफेक्ट ज़्यादा समय तक नहीं रहता। दूसरा, यह इस बात का संकेत है कि आपका प्रोडक्ट काम कर रहा है।

इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने बात कि डॉक्टर निकेता सोनावाने से। उन्होंने हमें बताया कि स्किन पर्जिंग की पहचान क्या है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।

 

क्या है स्किन पर्जिंग?

क्या है स्किन पर्जिंग?


स्किन पर्जिंग के बारे में समझाते हुए डॉक्टर सोनावाने कहती हैं, "आप कल्पना कीजिये कि आपने एंटी एजिंग या प्यूरिफ़ाइंग स्किन केयर प्रोडक्ट बड़ी उम्मीद से लगाया है कि इससे आपको स्मूद और ग्लोइंग स्किन मिलेगी, लेकिन अचानक स्किन क्लीयर होने की बजाय उस पर पिंपल्स नज़र आने लगे। है न शॉकिंग! इसे साधारण भाषा में कहेंगे पर्जिंग। "
"स्किन पर्जिंग में व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स, जो आपकी स्किन में गहरे बैठे होते हैं, वो स्किन की सतह पर आ जाते हैं। आगे चलकर वो पिंपल्स में बदल जाते हैं और आप समझते हैं कि जो प्रोडक्ट आपने लगाया है, उसका स्किन पर बुरा रिएक्शन हो रहा है।" वो आगे कहती हैं।  

 

 

कैसे जानें कि यह पर्जिंग है या एक्ने?

कैसे जानें कि यह पर्जिंग है या एक्ने?

यदि आपकी एक्ने प्रोन स्किन है, तो यह जानना मुश्किल होगा कि आपको ब्रेकआउट है या पर्ज। फिर भी कुछ बातें हैं, जिससे आप अंतर कर सकते हैं। यदि आपके प्रोडक्ट में एक्सफोलिएटिंग एक्टिव इंग्रेडिएंट्स नहीं है, फिर भी ब्रेकआउट्स हो रहे हैं, तो यह पर्जिंग नहीं है। कोई भी स्किन केयर प्रोडक्ट को 4 हफ़्ते तक लगाने के बाद अचानक ब्रेकआउट होना संकेत है कि यह पर्जिंग नहीं है। यदि आपको स्किन पर खुजली होती है, रेड स्पोट्स या पैचेज़ होते हैं तो यह एलर्जी है न कि पर्जिंग। स्किन का ड्राय होना, खिंचा-खिंचा लगना, जलन होना और लाल होना- ये सब स्किन इर्रिटेशन के कारण है, न कि पर्जिंग।

 

स्किन पर्जिंग में कैसे करें इसकी देखभाल?

स्किन पर्जिंग में कैसे करें इसकी देखभाल?

 

जब स्किन पर्जिंग हो तो जो नया प्रोडक्ट आपने ट्राय किया है और जिसके कारण पर्जिंग हो रही है, उसे लगाना बंद न करें, क्योंकि इससे पता चलता है कि वो इंग्रेडिएंट आपकी स्किन पर असर दिखा रहा है। वास्तव में, वो एक्टिव इंग्रेडिएंट, आपकी स्किन के अंदर की परत में  जमा गंदगी को बाहर निकालते हैं और यह पर्जिंग 2-3 हफ़्ते में खुद-ब-खुद बंद हो जाएगी।  
यदि आप चाहते हैं कि स्किन और इर्रिटेट न हो तो एक जेंटल स्किन केयर रूटीन अपनाएं। इसके लिए सल्फेट-फ्री क्लींज़र, एक स्किन को सूदिंग एहसास देने वाला मोइश्चराइज़र और एक सनस्क्रीन के इस्तेमाल से आपकी स्किन फिर से सेहतमंद हो जाएगी। इसके अलावा, जो प्रोडक्ट आप स्किन पर इस्तेमाल कर रही थी, उसे बंद न करे। इस बात की फिक्र न करें कि आपकी स्किन और खराब हो जाएगी। आपकी स्किन को नए प्रोडक्ट के इस्तेमाल का आदि होने दें। दो-तीन हफ़्ते के बाद स्किन को प्रोडक्ट की आदत पड़ जाएगी।       
जब स्किन पर्जिंग हो रही हो तब, कोई भी घरेलू नुस्खे स्किन पर ट्राय न करें। यहां ताकि कि कोई हायड्रेटिंग या सूदिंग चीज़ भी न लगाएं, क्योंकि इससे स्किन की सेंसिटिविटी एग्रेवेट हो सकती है और आपको रैशेज़ बढ़ सकते हैं।