यदि आपके चेहरे पर भी काले धब्बे यानी डार्क स्पॉट्स हैं तो हमें आपकी समस्या का पूरा अंदाज़ा है. आप मेकअप करते हुए फ़ाउंडेश लगाती होंगी, कंसीलर लगाती होंगी फिर पाउडर लगा कर बेस मेकअप सेट करती होंगी, बावजूद इसके ये धब्बे कहीं न कहीं से झांकने लगते होंगे. ऐसे में आपको यूं लगता होगा, जैसे आपकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया, है ना?

क्या आप जानती हैं कि ये धब्बे हाइपरपिग्मेन्टेशन की वजह से होते हैं और आपके चेहरे के अलावा कंधों और पीठ पर भी हो सकते हैं. हमें यह भी पता है कि आपको ये धब्बे बिल्कुल अच्छे नहीं लगते और यही वजह है कि हम आपको यहां डार्क स्पॉट्स के होने के कारणों के बारे में बता रहे हैं, ताकि सावधानियां रख कर आप इनसे बच सकें.

क्या आपको पता है कि प्रदूषण आपके चेहरे पर होने वाले डार्क स्पॉट्स का सबसे बड़ा कारण है?
 

क्या आपको पता है कि प्रदूषण आपके चेहरे पर होने वाले डार्क स्पॉट्स का सबसे बड़ा कारण है?

जब आपकी त्वचा हवा में मौजूद प्रदूषण यानी पलूशन के संपर्क में आती है तो वह प्रदूषण से ख़ुद पर पड़ने वाले प्रभावों से बचने के लिए मेलैनिन और ऐंटीऑक्सिडेंट्स का उत्पादन करने लगती है. और इनकी वजह से आपकी त्वचा पर काले धब्बे यानी डार्क स्पॉट्स नज़र आने लगते हैं.

आपने सही अनुमान लगाया. अधिक समय तक धूप में बने रहने से डार्क स्पॉट्स जैसे तुरंत ही आ जाते हैं!
 

आपने सही अनुमान लगाया. अधिक समय तक धूप में बने रहने से डार्क स्पॉट्स जैसे तुरंत ही आ जाते हैं!

मेलैनिन, वो पिग्मेंट है जो आपकी त्वचा को इसकी रंगत प्रदान करता है. मेलैनिन, त्वचा के धूप के संपर्क में आने पर उत्पादित होता है. दरअस्ल, यह आपकी त्वचा के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि यह सूरज की हानिकाराक यूवी किरणों को त्वचा के भीतर जाने से रोकता है. लेकिन यदि आप लंबे समय तक धूप में बनी रहती हैं तो यह पिग्मेंट असाधारण मात्रा में बनने लगता है, जो अंतत: डार्क स्पॉट्स में बदल जाता है.

मुहांसों और मुहासों के घावों के न भूलने वाले निशान की तरह भी डार्क स्पॉट्स आपके चेहरे पर रह जाते हैं
 

मुहांसों और मुहासों के घावों के न भूलने वाले निशान की तरह भी डार्क स्पॉट्स आपके चेहरे पर रह जाते हैं

यदि आपको मुहांसों की समस्या है या रह चुकी है तो जान लीजिए कि मुहांसे अपने पीछे छोटे-छोटे निशान और पिग्मेंटेड हिस्सा छोड़ जाते हैं. इस प्रक्रिया को पोस्ट-इन्फ़्लैमटॉरी हाइपर पिग्मेंटेशन कहते हैं. ये पिग्मेंटेड हिस्से बाद में डार्क स्पॉट्स में बदल जाते हैं.

इसे ट्राइ करें: पॉन्ड्स वाइट ब्यूटी डे क्रीम के नियमित इस्तेमाल से धीरे-धीरे नई कोशिकाओं का उत्पादन यानी सेल रिनूअल होता है और इसकी वजह से ये डार्क स्पॉट्स हल्के होते जाते हैं.

चाहे आपकी कितनी भी प्रबल इच्छा क्यों न हो मुहांसों को न तो फोड़ें और ना ही खुजली आने पर उन्हें छेड़ें
 

चाहे आपकी कितनी भी प्रबल इच्छा क्यों न हो मुहांसों को न तो फोड़ें और ना ही खुजली आने पर उन्हें छेड़ें

मुहांसों को फोड़ना, रगड़ना या छेड़ना... इसकी आपको बहुत ज़्यादा इच्छा हो सकती है, पर यदि आप ऐसा करती हैं तो आपकी त्वचा अपने बचाव में मुहांसे वाली जगह पर अतिरिक्त मेलैनिन का उत्पादन करने लगती है. इससे काले धब्बे आ सकते हैं. इसलिए कभी-भी सक्रिय मुहांसों को न छेड़ें, क्योंकि आपकी उंगलियों पर मौजूद बैक्टीरियाज़ स्थितियों को और भी बदतर बना सकते हैं.

इसे ट्राइ करें: अपनी त्वचा को साफ़ और बैक्टीरियाज़ से मुक्त रखने के लिए आप पॉन्ड्स प्योर वाइट ऐंटी-पलूशन विद ऐक्टिवेटेड चारकोल फ़ेस वॉश का इस्तेमाल करें. इसमें ऐक्टिवेटेड चारकोल है, जो त्वचा पर मौजूद अशुद्धियों को अवशोषित कर लेता है.

प्रेग्नेंसी और गर्भ निरोधक गोलियां यानी बर्थ कंट्रोल पिल्स की वजह से होने वाले बदलाव भी डार्क स्पॉट्स का कारण हो सकते हैं
 

प्रेग्नेंसी और गर्भ निरोधक गोलियां यानी बर्थ कंट्रोल पिल्स की वजह से होने वाले बदलाव भी डार्क स्पॉट्स का कारण हो सकते हैं

प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज़ या फिर गर्भ निरोधक गोलियां लेने की वजह से आपके शरीर में हुआ हार्मोनल असंतुलन भी डार्क स्पॉट्स की वजह हो सकता है. जब आप धूप में लंबे वक़्त तक रहती हैं तो ये दाग़-धब्बे गहरे होते जाते हैं और त्वचा के भीतर तक समाहित होते जाते हैं. अत: बहुत ज़रूरी है कि आप सालभर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें, फिर चाहे मौसम कोई भी क्यों न हो.

इसे ट्राइ करें: लैक्मे सन एक्स्पर्ट फ़ेयरनेस + यूवी लोशन विद एसपीएफ़ 30 पीए+, जो हल्का है, मैट इफ़ेक्ट देता है और सूरज की किरणों से आपका बचाव करने में सक्षम है.