मुहांसा, ये शब्द सुन कर ही आप कहीं भाग जाना चाहती हैं, जैसे कि आपने ‘प्लेग’ सुन लिया हो. पर मुहांसे टीनएज में ही नहीं होते, वे तो वयस्क होने पर भी आपका पीछा नहीं छोड़ते.  जब वयस्क होने पर मुहांसे होते हैं तो उनमें दर्द भी होता है और वे आसानी से ख़त्म भी नहीं होते. लेकिन अच्छी बात यह है कि यदि आपका स्किनकेयर रूटीन सही हो तो आप मुहांसों को नियंत्रण में रख सकती हैं.

मुहांसों के लिए संवेदनशील त्वचा के लिए कारगर स्किन केयर रूटीन सीबम के अतिरिक्त उत्पादन को रोकता है, रोमछिद्रों (पोर्स) को साफ़ रखता है और चेहरे पर मौजूद पिम्पल्स को ठीक करता है. लेकिन बाज़ार ऐसे प्रोडक्ट्स से अटे पड़े हैं, जो बेदाग और ख़ूबसूरत त्वचा देने का वादा करते हैं. ऐसे में वाक़ई असरदार स्किनकेयर रूटीन अपनाने के लिए आप प्रोडक्ट्स का चुनाव कैसे करेंगी? आसान है, आप इन प्रोडक्ट्स के इन्ग्रीडिएंट्स पर ध्यान दीजिए! और हमें ये भी पता है कि आप इन इन्ग्रीडिएंट्स के बारे में ज़्यादा नहीं जानतीं इसलिए हम आपके लिए ऐसा स्किनकेयर रूटीन ले आए हैं, जो मुहांसों को आपसे दूर ही रखेगा और जिसमें अच्छे इन्ग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल किया गया है.

 

पहला स्टेप: अपने चेहरे की गहराई से सफ़ाई करें

पहला स्टेप: अपने चेहरे की गहराई से सफ़ाई करें

यदि चेहरे को धोने के कुछ ही मिनटों बाद आपका टी-ज़ोन ऑइली हो जाता है तो इसका मतलब है कि आपकी त्वचा में अतिरिक्त ऑइल का उत्पादन हो रहा है और आपका फ़ेस वॉश इस सीबम प्रोडक्शन पर नियंत्रण रखने का काम सही तरीके से नहीं कर पा रहा है. इसे ठीक करने के लिए डीप क्लेंज़िंग फ़ेसवॉश का इस्तेमाल करें, जैसे- पॉन्ड्स ऑइल कंट्रोल फ़ेस वॉश/  Pond’s Oil Control Face Wash. यह सौम्यता से अतिरिक्त तेल को हटा देता है और आपकी त्वचा को तरोताज़ा चमक देता है.

 

दूसरा स्टेप: सप्ताह में एक बार त्वचा को एक्स्फ़ॉलिएट करें

दूसरा स्टेप: सप्ताह में एक बार त्वचा को एक्स्फ़ॉलिएट करें

त्वचा को एक्स्फ़ॉलिएट करना ज़रूरी है, क्योंकि इससे त्वचा पर मौजूद डेड स्किन सेल्स (मृत कोशिकाएं)  और त्वचा की गहराई तक समाहित गंदगी भी हट जाती है. हां, यदि आपके चेहरे पर मुहांसे हों तो चेहरा स्क्रब करने से बचें, क्योंकि इससे मुहांसों की समस्या और बढ़ सकती है. सेंट ईव्स ऐक्ने कंट्रोल ऐप्रिकॉट स्क्रब/St. Ives Acne Control Apricot Scrub में सैलिसिलिक ऐसिड और क्रश की हुई अखरोट की खोल होती है, जो ब्रेकआउट्स को कम करने में सहायक है. इसका डर्मैटोलॉजिस्ट-टेस्टेड, पैराबीन-फ्री फ़ॉर्मूला सुरक्षित और सौम्य तो है ही, यह आपकी त्वचा को चिकना भी बनाता है.

 

तीसरा स्टेप: हल्का मॉइस्चराइज़र लगाएं

तीसरा स्टेप: हल्का मॉइस्चराइज़र लगाएं

जिस किसी ने भी आपको यह बताया था कि ऑइली त्वचा पर मॉइस्चराइज़र लगाने की ज़रूरत नहीं होती, ग़लत जानकारी दी थी! सच तो ये है कि आपकी त्वचा ज़्यादा तेल का निर्माण ही इसलिए करती है, क्योंकि वह त्वचा के रूखेपन को दूर करना चाहती है. लेकिन जब भी आप अपने लिए मॉइस्चराइज़र चुन रही हों, ये बात ज़रूर ध्यान रखें कि चूंकि आप ऑइली और मुहांसों के लिए संवेदनशील त्वचा के लिए मॉइस्चराइज़र चुन रही हैं, मॉइस्चराइज़र का फ़ॉर्मूला हल्का यानी लाइटवेट हो. हल्के मॉइस्चाइज़र आपके पोर्स को बंद किए बिना आपकी त्वचा को हाइड्रेट करते हैं. सिंपल काइंड टू स्किन लाइट मॉइस्चराइज़र/ Simple Kind To Skin Hydrating Light Moisturiser का त्वचा में जल्द समाहित होने वाला फ़ॉर्मूला त्वचा को बिल्कुल भी चिपचिपा महसूस नहीं कराता.

 

चौथा स्टेप: हमेशा लगाएं सनस्क्रीन

चौथा स्टेप: हमेशा लगाएं सनस्क्रीन

ये बात हर तरह की त्वचा वाली महिलाओं पर लागू होती है; सनस्क्रीन तो आपके रोज़ाना के स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा होना ही चाहिए. हां, मुझे पता है कि अब आप कहेंगी कि सनस्क्रीन लगाने के बाद आपकी त्वचा बेजान और ऑइली लगती है, पर ऐसा इसलिए होता है, क्योकि आप क्रीम-बेस्ड सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर रही हैं. जबकि ऑइली त्वचा होने के कारण आपको जेल-बेस्ड फ़ॉर्मूला वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसमें कम से कम 30 एसपीएफ़ हो. यह आपकी त्वचा को मैट फ़िनिश देगा. आप लैक्मे सन एक्स्पर्ट एसपीएफ़ 50 पीए+++ अल्ट्रा मैट जेल सनस्क्रीन/Lakme Sun Expert SPF 50 PA+++ Ultra Matte Gel Sunscreen का इस्तेमाल कर सकती हैं. इसका लाइटवेट फ़ॉर्मूला त्वचा को यूवीए व यूवीबी दोनों ही तरह की किरणों के नुकसान से बचाता है और इसे मेकअप करने से पहले भी लगाया जा सकता है.

 

पांचवां स्टेप: स्पॉट ट्रीटमेंट लें

पांचवां स्टेप: स्पॉट ट्रीटमेंट लें

अपने चेहरे पर नया मुहांसा देखते ही घबरा जाने से अच्छा होगा कि आप टॉपिकल ऑइन्टमेंट अपने साथ ही रखें, जिसे आपके डर्मैटोलॉजिस्ट ने रिकमंड किया हो. अक्सर ऐसे ऑइन्टमेंट्स में बेन्ज़ॉइल परॉक्साइड या सैलिसिलक ऐसिड होता है, जो बहुत असरदार होता है. हां, इसके साइड इफ़ेक्ट्स के बारे में भी जान लें, इससे सेंसिटिविटी या हाइपरपिग्मेंटेशन हो सकता है. विकल्प के तौर पर अप डर्मैलॉजिका ब्रेकआउट क्लीरिंग इमर्जेंसी स्पॉट फ़िक्स/Dermalogica Breakout Clearing Emergency Spot Fix  ट्रीटमेंट आज़मा कर देख सकती हैं.

 

छठवां स्टेप: रातभर काम करने वाला ट्रीटमेंट आज़माएं

छठवां स्टेप: रातभर काम करने वाला ट्रीटमेंट आज़माएं

बार बार मुहांसे होने के कारण आपकी त्वचा की रंगत असमान हो सकती है इसलिए मुहांसों के लिए संवेदनशील त्वचा वालों के स्किन केयर रूटीन का सबसे आख़िरी स्टेप होना चाहिए रातभर काम करने वाला ट्रीटमेंट यानी ओवरनाइट ट्रीटमेंट. ऐसा ओवरनाइट ट्रीटमेंट जो ब्रेकआउट्स रोके, तेल को नियंत्रित करे और दाग-धब्बों को हल्का कर दे. सैलिसिलिक ऐसिड वाला डर्मैलॉजिका ओवरनाइट क्लीरिंग जेल/  Dermalogica Overnight Clearing Gel आपकी त्वचा की सबसे ऊपरी पर्त को सौम्यता से एक्स्फ़ॉलिएट करता है, जिससे बंद रोमछिद्रों वाले स्किन सेल्स हट जाते हैं और यह ऑइल के प्रोडक्शन को भी नियमित करता है.