सौंदर्य केवल आपके बाहरी रूप-रंग से ही नहीं जुड़ा होता, बल्कि यह आपके स्वस्थ होने से जुड़ा होता है. और जब बात आपके पूरे स्वास्थ्य के साथ-साथ बालों और त्वचा की सेहत की हो तो सौंदर्य विशेषज्ञ भी योग पर अपना पूरा भरोसा जताते हैं. योग के आसन आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद कारगर होते हैं. योग के आसन करने से स्वास्थ्य संबंधी कई फ़ायदे होते हैं इसलिए इस बात में भी कोई संदेह नहीं है कि इससे आपके बालों और त्वचा के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा. चमकती त्वचा और मज़बूत बालों के पीछे का रहस्य है आपके रक्त प्रवाह का बेहतर होना और ये योग के आसन, जिनके बारे में हम बताने जा रहे हैं, वो आपके रक्त के प्रवाह में सुधार लाने का काम करेंगे.

तो इन आसनों के बारे में जानिए और तैयार हो जाइए इन्हें करने के लिए, ताकि आपकी त्वचा और बालों को देख कर सभी वाह-वाह कर उठें...

प्राणायाम
 

प्राणायाम

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि प्रणायाम सांस यानी श्वांस को लयात्मक रूप में नियंत्रित करने से जुड़े योग के आसन हैं. जिनका उद्देश्य है कि आप धीमे-धीमे और गहराई से सांस लें. क्या आपने यह सुना है कि आपकी उम्र आपके श्वांस लेने की दर पर निर्भर करती है? योग में इस बात को सही माना जाता है. प्राणायाम की वजह से आपका हृदय आपके शरीर के लिए अधिक मात्रा में ऑक्सिजन से युक्त रक्त प्रवाहित करता है. यदि प्राणायाम रोज़ाना किया जाए तो यह आपकी त्वचा और बालों की सेहत में ग़ज़ब का सुधार लाता है.

अनुलोम-विलोम और कपालभांति ये दोनों प्राणायाम आपकी बालों की सेहत में भी सुधार लाते हैं. इन्हें रोज़ाना धीरे-धीरे करना शुरू करें: पहले दो मिनट तक करें, फिर धीरे-धीरे इस समय को बढ़ाती जाएं. इन्हें आप 10 से 15 मिनट तक भी कर सकती हैं. आप दिन में दो बार ये दोनों प्राणायाम करेंगी तो अपनी संपूर्ण सेहत के साथ-साथ त्वचा और बालों की सेहत में भी बहुत सुधार पाएंगी. याद रखें कि योग के आसनों का असर धीमी गति से होता है और लंबे समय तक रहता है. अत: बहुत जल्दी परिणाम की उम्मीद न रखें. जब आप इन्हें तक़रीबन एक महीने तक लगातार अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेंगी तो फ़र्क़ अपने आप नज़र आएगा. बस, फिर इसे लगातार जारी रखें और आप पाएंगी कि सभी आपके सेहतमंद बाल और दमकती हुई त्वचा की प्रशंसा कर रहे हैं.

हलासन
 

हलासन

हलासन को यह नाम इस लिए मिला, क्योंकि यह आसान हल के समान दिखता है. यह आसन रक्त प्रवाह में सुधार लाता है, जिसका सीधा अर्थ है कि रक्त के बढ़े हुए प्रवाह की वजह से आपकी त्वचा में चमक आएगी. योग का यह आसन पाचन तंत्र से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है.

बालायाम
 

बालायाम

बालायाम यानी बालों का व्यायाम. आजकल बालों का असमय सफ़ेद होना एक आम समस्या है. साथ ही पुरुषों और महिलाओं में भी कम उम्र में गंजेपन की समस्या भी बढ़ रही है. इन दोनों से निजात पाने के लिए योग और एक्यूप्रेशर का यह मिलाजुला रूप आसान और कारगर विकल्प है.

इसे करने के लिए आपको अपने दोनों हाथों की चार उंगलियों के नाख़ूनों को आपस में रगड़ना होगा. ऐसा करते समय ध्यान रखें कि दोनों हाथों की उंगलियां हिलाते हुए नाख़ूनों को रगड़ें. एक दिन में सुबह और शाम इसे 5 से 10 मिनट के लिए करें. इसके नतीजे धीरे-धीरे दिखाई देंगे अत: आपको अपना धैर्य बनाए रखना होगा.

मत्स्यासन
 

मत्स्यासन

मत्स्य का अर्थ होता है मछली. यह मछली के आकार से प्रेरित योग का आसन है, जिसमें शरीर के ऊपरी हिस्से में खिंचाव होता है. इसकी वजह से वायु का प्रवाह बिना किसी रुकावट के होता है. त्वचा को सेहतमंद बनाने के अलावा यह आसन आपकी गर्दन और कंधों के तनाव को भी कम करेगा.

वज्रासन
 

वज्रासन

बालों के झड़ने की समस्या में आपकी पाचन-शक्ति की अहम् भूमिका होती है. वज्रासन करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा और इस तरह आपके बालों को झड़ना भी कम हो जाएगा. इस योग के आसन के लिए किसी समतल जगह पर दरी या चटाई बिछाकर पैरों को मोड़ें और इस तरह बैठें कि आपके हिप्स आपके पैरों (एड़ी और पंजों) पर हों और आपके घुटने एक-दूसरे के क़रीब हों. खाना खाने के तुरंत बाद आप इस स्थिति में 10 से 15 मिनट तक बैठ सकते हैं.

त्रिकोणासन
 

त्रिकोणासन

इस योग के आसन के दौरान हमारे शरीर का आकार किसी त्रिकोण की तरह नज़र आता है. यह आसन पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ाता है. यह आपके शारीरिक संतुलन को बढ़ाता है और आपके पैरों की मांसपेशियों को भी मज़बूत करता है.

उष्ट्रासन
 

उष्ट्रासन

योग का यह आसन आपके बालों की मज़बूती के लिए भी कारगर होगा. इसके लिए ज़मीन पर घुटनों के बल सीधी खड़ी हो जाएं. अब पीछे की ओर झुकें और ऊपर सीलिंग को देखते हुए अपनी एड़ियां पकड़ें. सामान्य ढंग से सांस लेते हुए कुछ सेकेंड्स के लिए इसी स्थिति में बनी रहें. सांस छोड़ते हुए शुरुआती स्थिति में लौट आएं. इसे चार से पांच बार दोहराएं और आराम करें.

सिम्हासन
 

सिम्हासन

यह आसन आपके चेहरे की मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करता है, क्योंकि यह अपने नाम की तरह सिंह की दहाड़ की मुद्रा से प्रेरित है. इस करने से आपकी त्वचा का लचीलापन और त्वचा में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे त्वचा कांतिवान नज़र आती है.

उत्तानासन
 

उत्तानासन

आपके बालों को स्वस्थ रखने में यह आसन भी कारगर है. इसे करने के लिए  पैरों को पास-पास रखते हुए इस तरह सीधी खड़ी हो जाएं कि आपके घुटने, एड़ी, पैरों के अंगूठे आपस में स्पर्श कर रहे हों. अब गहरी सांस लें और सांस छोड़ते समय अपने हाथों को उठाएं और आगे की ओर झुकाएं. हाथों की उंगलियों और हथेली से ज़मीन को स्पर्श करें. सामान्य रूप से सांस लें और कुछ सेकेंड्स तक इसी स्थिति में बनी रहें. अब सांस अंदर लेते हुए शुरुआती स्थिति में लौट आएं.  इस प्रक्रिया को पांच से दस बार दोहराएं.

योग के आसन आपके शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी सर्वश्रेष्ठ हैं. योग का हर आसन शरीर के किसी एक हिस्से के लिए बहुत ही लाभदायक होता है, पर वही आसन आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायी होता है. अत: योग के आसन आपकी नियमित दिनचर्या का हिस्सा होने चाहिए, ताकि आप सदैव निरोगी बनी रहें. लेकिन जब इनकी वजह से आपकी त्वचा और बालों की सेहत अपने आप ही सुधरती चली जाएगी तो योग के आसन आपके लिए सोने पे सुहागा वाली कहावत को चरितार्थ करेंगे... है ना!

नोट: योग के आसन स्वयं ही करना शुरू करने से पहले योग एक्स्पर्ट की सहायता से इसे सही तरीक़े से करना सीख लें.