असमान रंगत वाली त्वचा से जूझना मुश्क़िल होता है. यह बात तनावभरी हो सकती है कि आपके चेहरे का रंग आपकी ही गर्दन के रंग से अलग है और इनसे भी अलग रंग है आपके हाथों का. चेहरे की त्वचा के ऊतकों की रंगत का गहरा होना कभी-कभी यूं लगने लगता है जैसे आपने अपने चेहरे से बेमेल फ़ाउंडेशन लगा लिया है, जिसकी वजह से चेहरे पर पैच नज़र आ रहे हैं.

यदि आप भी ख़ुद को ऐसी स्थिति में पाती हैं तो इससे बचने के लिए आप उस गाइड का पालन कीजिए, जो हमने नीचे दी है...

1# कारण
 

1# कारण

लोगों की त्वचा की रंगत के असमान होने का पहला कारण है कि वे बिना किसी बचाव का इस्तेमाल किए पर्यावरण के सीधे संपर्क में आते हैं. सूरज की किरणों के संपर्क में आने से होने वाली टैनिंग त्वचा की ऊपरी पर्त के रंग को गहरा कर देती है. पलूशन के लगातार संपर्क में आने से केमिकल्स आपकी त्वचा पर बैठ जाते हैं और त्वचा कर रंग गहरा हो जाता है.

समाधान

सूरज की किरणों का सामना करने का सबसे अच्छा तरीक़ा है एसपीएफ़ वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल. यह आपकी त्वचा को सूर्य की यूवीए और यूवीबी किरणों के नुक़सान से बचाता है और आपकी नैसर्गिक रंगत को सुरक्षित रखता है. अपने चेहरे को स्कार्फ़ से या हैट लगा कर ढंक लेना इस समस्या का बहुत कारगर समाधान नहीं है. पर्यावरण के प्रदूषण के चलते होने वाले त्वचा के पिग्मेन्टेशन को रोकने के लिए अपने चेहरे को ऐंटी-पलूशन फ़ेस वॉश से धोएं. यह आपके चेहरे पर मौजूद बारीक़ से बारीक़ प्रदूषण के कण को निकाल देगा. हम आपको पॉन्ड्स प्योर वाइट फ़ेस वॉश/Pond’s Pure White Face Wash के इस्तेमाल की सलाह देंगे. यह ऐक्टिवेटेड कार्बन की ख़ूबियों के साथ आता है, जो आपकी त्वचा पर मौजूद पलूशन के कणों और गंदगी को सोख लेता है और आपके चेहरे को एक समान रंगत प्रदान करता है.

2# कारण
 

2# कारण

आपके शरीर को गतिमान रखने में हार्मोन्स का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है. इसके साथ ही त्वचा की रंगत और दाग़-धब्बों में भी इनकी भूमिका अहम् होती है. हार्मोन्स के उकसावे पर ही चोट को ठीक करने के लिए मास्किंग पिग्मेन्ट्स बनते हैं या फिर त्वचा की रंगत असमान भी हो जाती है.

समाधान

हार्मोनल हाइपरपिग्मेन्टेशन सामान्यत: तब होता है, जब आप किसी मुहांसे को फोड़ती हैं, ग़लत प्रोडक्ट का इस्तेमाल करती हैं या फिर मुहांसों को छेड़ती हैं. इसे रोकने के लिए चेहरे पर आए मुहांसों को छूना और छेड़ना बंद कर दें. कई बार मुहांसों के दाग़ या त्वचा की चोट की वजह से भी त्वचा की रंगत गहराने लगती है.

ऐसे कॉस्मेटिक्स, जो आपकी त्वचा के अनुरूप नहीं है, उनके बहुत ज़्यादा इस्तेमाल से भी हाइपरपिग्मेन्टेशन हो सकता है. जब कॉस्मेटिक्स चुन रही हों तो इस बात को लेकर बहुत सजग रहें कि उन प्रोडक्ट्स में ऐसिड की सांद्रता अधिक न हो, क्योंकि इनमें से कुछ ऐसिड्स आपकी त्वचा के हानिकारक हो सकते हैं और इससे आपको त्वचा संबंधी एलर्जीज़ भी हो सकती हैं.

3# कारण
 

3# कारण

त्वचा पर गहरे और टैन्ड पैच इसलिए भी होते हैं कि त्वचा को समय-समय पर एक्स्फ़ॉलिएट नहीं किया जाता है. गंदगी, मैल, पसीना आपकी त्वचा पर बैठ जाता है और समय के साथ-साथ त्वचा पर इसकी एक मोटी पर्त जम जाती है. त्वचा पर मौजूद मृत कोशिकाओं और गंदगी की यह पर्त आपकी त्वचा को फीका और गहरे रंग का दिखाती है.

समाधान

इस तरह के हाइपरपिग्मेन्टेशन के इलाज के लिए आपको नियमित रूप से त्वचा पर मौजूद डेड स्किन सेल्स यानी मृत कोशिकाओं और रूखी त्वचा को हटाना होगा. जब आप डेड सेल्स को एक्स्फ़ॉलिएट कर के हटाएंगी तो आपके हाइड्रेटिंग सीरम्स और लोशन्स को चेहरे के भीतर अवशोषण बढ़ेगा, क्योंकि एक्स्फ़ॉलिएशन से त्वचा के रोम छिद्र खुल जाएंगे. अब जब ये प्रोडक्ट्स त्वचा के भीतर तक पहुंचेंगे तो कम समय में आपको बेहतरीन नतीजे मिलेंगे और त्वचा की चमक और रंगत लौट आएगी.